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Noida Health Report: इलाज के दौरान दम तोड़ने वालों में पुरुषों की संख्या महिलाओं से कहीं अधिक, तीन साल के आंकड़ों ने दिखाई चिंताजनक तस्वीर

Noida Health Report: इलाज के दौरान दम तोड़ने वालों में पुरुषों की संख्या महिलाओं से कहीं अधिक, तीन साल के आंकड़ों ने दिखाई चिंताजनक तस्वीर

नोएडा, 15 जुलाई। गौतमबुद्धनगर जिले में इलाज के दौरान होने वाली मौतों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र अनुभाग द्वारा जारी आंकड़ों ने एक चिंताजनक स्थिति सामने रखी है। वर्ष 2023, 2024 और 2025 के आंकड़ों के अनुसार तीन वर्षों में कुल 21,355 मौतों का पंजीकरण हुआ, जिनमें 13,195 पुरुष और 8,160 महिलाएं शामिल हैं। यानी पुरुषों की मौत का आंकड़ा महिलाओं की तुलना में लगभग पांच हजार अधिक रहा।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन तीन वर्षों के 36 महीनों में एक भी ऐसा महीना नहीं रहा जब महिलाओं की मृत्यु संख्या पुरुषों से अधिक रही हो। हर महीने पुरुषों की मौत का आंकड़ा महिलाओं से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे विशेषज्ञों ने पुरुषों के स्वास्थ्य व्यवहार पर चिंता जताई है।

आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में कुल 7,069 मौतों में 4,356 पुरुष और 2,713 महिलाएं थीं। इस वर्ष फरवरी महीने में सर्वाधिक 730 मौतें दर्ज की गईं। वर्ष 2024 में कुल 7,018 मौतों में 4,318 पुरुष और 2,700 महिलाएं थीं, जबकि जनवरी में सबसे अधिक 780 मौतें दर्ज हुईं। वहीं वर्ष 2025 में कुल 7,268 मौतों में 4,521 पुरुष और 2,747 महिलाएं शामिल थीं, जो तीन वर्षों में पुरुषों की सबसे अधिक संख्या रही।

स्वास्थ्य विभाग ने यह भी बताया कि नोएडा के बड़े अस्पतालों में दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। पिछले तीन वर्षों में आठ हजार से अधिक बाहरी मरीजों की मौत भी जिले के अस्पतालों में दर्ज की गई, क्योंकि उनका इलाज यहीं चल रहा था।

जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. प्रदीप कुमार शैलत के अनुसार पुरुष अक्सर बीमारी के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं और तब अस्पताल पहुंचते हैं जब बीमारी गंभीर हो चुकी होती है। उन्होंने बताया कि पुरुषों में हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और लिवर से जुड़ी बीमारियां अपेक्षाकृत अधिक पाई जाती हैं। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाएं, औद्योगिक हादसे, धूम्रपान, तंबाकू और शराब का अधिक सेवन भी पुरुषों में मृत्यु दर बढ़ने के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं, शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, ताकि गंभीर बीमारियों और समय से पहले होने वाली मौतों के जोखिम को कम किया जा सके।

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