Noida Vehicle Theft: वाहन चोर गैंग का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार, चोरी के सात दोपहिया वाहन और मोबाइल बरामद

Noida Vehicle Theft: वाहन चोर गैंग का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार, चोरी के सात दोपहिया वाहन और मोबाइल बरामद
नोएडा, 15 जुलाई। नोएडा पुलिस ने दोपहिया वाहन चोरी और मोबाइल स्नैचिंग करने वाले एक सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर सात चोरी के दोपहिया वाहन, तीन चोरी और स्नैच किए गए मोबाइल फोन, दो टूटी हुई नंबर प्लेट, 1,200 रुपये नकद तथा चार अवैध चाकू बरामद किए हैं। मामले में एक बाल अपचारी को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके आपराधिक नेटवर्क की जांच कर रही है।
एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि थाना सेक्टर-24 पुलिस को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर गिरोह की गतिविधियों की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने सेक्टर-11 स्थित मदर डेयरी के पास गंदे नाले के पुस्ते पर घेराबंदी कर जितेंद्र, अरबाज और अभिषेक शाह को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की तलाशी और पूछताछ के दौरान पुलिस ने चार स्कूटी, तीन मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन, दो टूटी हुई मोटरसाइकिल नंबर प्लेट, 1,200 रुपये नकद और चार अवैध चाकू बरामद किए। पुलिस के अनुसार सभी वाहन अलग-अलग स्थानों से चोरी किए गए थे, जबकि मोबाइल फोन राह चलते लोगों से स्नैचिंग कर छीने गए थे।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे वारदात से पहले दिल्ली, नोएडा और एनसीआर के विभिन्न इलाकों में रेकी करते थे। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और घरों के बाहर खड़े दोपहिया वाहनों को निशाना बनाकर चोरी करते थे। इसके अलावा सुनसान या व्यस्त मार्गों पर राहगीरों से मोबाइल फोन छीनकर फरार हो जाते थे।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि चोरी किए गए वाहनों को सेक्टर-54 स्थित जंगल और झाड़ियों में छिपाकर रखा जाता था। बाद में वाहनों की नंबर प्लेट तोड़ दी जाती थी ताकि उनकी पहचान न हो सके। इसके बाद मजबूरी का बहाना बनाकर इन्हें राह चलते लोगों को कम कीमत में बेच दिया जाता था। चोरी के मोबाइल फोन भी इसी तरह अवैध रूप से बेच दिए जाते थे और उससे मिलने वाली रकम सभी आरोपी आपस में बराबर बांट लेते थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी वारदात के दौरान लोगों को डराने और विरोध करने पर हमला करने के लिए अपने पास अवैध चाकू रखते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और इनके संपर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।




