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Fake Registry Scam: फर्जी बैनामे से जमीन हड़पने के आरोपी विजय सिंह को नहीं मिली जमानत

Fake Registry Scam: फर्जी बैनामे से जमीन हड़पने के आरोपी विजय सिंह को नहीं मिली जमानत

ग्रेटर नोएडा के चर्चित जैतवारपुर भूमि फर्जीवाड़ा मामले में अदालत ने एक अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी विजय सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। मामला जारचा थाना क्षेत्र में दर्ज भूमि फर्जीवाड़े से जुड़ा है, जिसमें शिकायतकर्ता की करोड़ों रुपये मूल्य की कृषि भूमि को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हड़पने की साजिश रची गई थी। अदालत के इस फैसले के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।

मामले के अनुसार शिकायतकर्ता और उनके सहयोगी प्रतीक सिंह दादरी तहसील के गांव जैतवारपुर स्थित कृषि भूमि के वैध मालिक हैं। यह भूमि वर्ष 2023 में विधिवत पंजीकृत बिक्री विलेख के माध्यम से खरीदी गई थी। आरोप है कि इसके बावजूद कुछ लोगों ने संगठित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन पर अवैध कब्जा करने की साजिश रची।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता और प्रतीक सिंह के नाम से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज तैयार कराए। इसके बाद उनकी जगह हमशक्ल व्यक्तियों को खड़ा कर फर्जी बैनामे कराए गए। पुलिस के अनुसार यह पूरा फर्जीवाड़ा सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया।

जांच में सामने आया कि 8 जुलाई 2024 को शिकायतकर्ता और प्रतीक सिंह के नाम पर दो फर्जी बिक्री विलेख तैयार कराए गए। इन दस्तावेजों के आधार पर विवादित भूमि का आधा-आधा हिस्सा खुशबू देवी के नाम स्थानांतरित कर दिया गया। इसके बाद 11 फरवरी 2026 को इन्हीं कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई अन्य बिक्री विलेख तैयार किए गए, जिनके जरिए भूमि के हिस्से संदीप कुमार, पारुल गुप्ता, सुमन आहूजा और अल्का के नाम दर्ज करा दिए गए।

शिकायतकर्ता के अनुसार 15 फरवरी 2026 को उन्हें सूचना मिली कि विवादित जमीन पर रखी करीब 2,500 ईंटें चोरी की जा रही हैं। जब वे मौके पर पहुंचे तो वहां संदीप कुमार ईंटें ले जाते हुए मिला। पुलिस को सूचना देने पर संदीप कुमार ने दावा किया कि उसने यह जमीन खुशबू नाम की महिला से खरीदी है। इसके बाद दस्तावेजों की जांच कराई गई, जिसमें कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि पूरे घटनाक्रम के बाद आरोपी लगातार विवादित जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं और विरोध करने पर जान-माल की धमकी भी दे रहे हैं। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।

इसी मामले में आरोपी विजय सिंह ने अदालत में जमानत याचिका दाखिल की थी, लेकिन सत्र अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। पुलिस का कहना है कि भूमि फर्जीवाड़े से जुड़े सभी दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है तथा मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल जारी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं शिकायतकर्ता ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के भूमि फर्जीवाड़े पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

 

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