Geeta Colony Temple: रानी गार्डन रोड पर मंदिर हटाने की तैयारी से तनाव, बीजेपी विधायक और पार्षद पहुंचे मौके पर

Geeta Colony Temple: रानी गार्डन रोड पर मंदिर हटाने की तैयारी से तनाव, बीजेपी विधायक और पार्षद पहुंचे मौके पर
रिपोर्ट: रवि डालमिया
पूर्वी दिल्ली के Geeta Colony थाना क्षेत्र स्थित रानी गार्डन रोड पर Delhi Development Authority की जमीन पर बने करीब 40 साल पुराने मंदिर को हटाने की तैयारी की खबर के बाद मंगलवार सुबह इलाके में तनाव का माहौल देखने को मिला। मंदिर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता और नाराजगी बढ़ गई।
जानकारी के अनुसार प्रशासन की ओर से मंदिर हटाने की संभावित कार्रवाई की सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मंदिर के आसपास जमा हो गए। इलाके में स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। घटना की खबर फैलते ही लोगों में बेचैनी का माहौल बन गया।
सूचना मिलने पर स्थानीय भाजपा विधायक Anil Goyal और निगम पार्षद Neema Bhagat मौके पर पहुंचे। दोनों नेताओं ने मंदिर के पुजारियों और स्थानीय निवासियों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से भी चर्चा की।
मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक अनिल गोयल ने कहा कि DDA के दस्तावेजों में कहीं न कहीं गड़बड़ी प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर लगभग 40 साल पुराना है और सरकार विरासत एवं धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। विधायक ने साफ तौर पर कहा कि मंदिर को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कमेटी के माध्यम से DDA के उपाध्यक्ष और उपराज्यपाल को पत्र लिखा जा रहा है। साथ ही जल्द ही अधिकारियों से मुलाकात कर मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा ताकि धार्मिक स्थल को सुरक्षित रखा जा सके।
वहीं निगम पार्षद नीमा भगत ने कहा कि सुबह प्रशासन की ओर से मंदिर हटाने की कार्रवाई की सूचना मिली थी, लेकिन फिलहाल ऐसी कोई नई जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि मंदिर के आसपास अन्य निर्माण भी मौजूद हैं, लेकिन प्रशासन केवल मंदिर पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
पार्षद ने यह भी दावा किया कि क्षेत्र में मौजूद रोहिंग्या बस्तियों को लेकर भी DDA को पत्र भेजा गया है और यदि कोई कार्रवाई होती है तो पहले वहां की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मंदिर पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी और स्थानीय लोगों की भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाएगा।
फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन पुलिस और प्रशासन की निगरानी लगातार बनी हुई है। स्थानीय लोग भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।





