Pediatric Care: आरएमएल अस्पताल में बच्चों के लिए तीन अत्याधुनिक डिफिब्रिलेटर मशीनें, कार्डियक अरेस्ट के इलाज को मिलेगी नई ताकत

Pediatric Care: आरएमएल अस्पताल में बच्चों के लिए तीन अत्याधुनिक डिफिब्रिलेटर मशीनें, कार्डियक अरेस्ट के इलाज को मिलेगी नई ताकत
नई दिल्ली। बच्चों में अचानक होने वाले कार्डियक अरेस्ट जैसी गंभीर आपात स्थितियों से निपटने के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के बाल रोग विभाग को तीन अत्याधुनिक डिफिब्रिलेटर मशीनें मिली हैं। इन जीवनरक्षक उपकरणों से अस्पताल की आपातकालीन उपचार क्षमता और मजबूत होगी तथा गंभीर स्थिति में बच्चों को समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा।
ये मशीनें एक निजी कंपनी ने अपनी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) पहल के तहत एक एनजीओ के माध्यम से अस्पताल को उपलब्ध कराई हैं। इनकी सहायता से कार्डियक अरेस्ट और गंभीर हृदय गति विकार (अतालता) की स्थिति में कुछ ही सेकंड के भीतर उपचार शुरू किया जा सकेगा।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार कार्डियक अरेस्ट के दौरान शुरुआती कुछ मिनट मरीज के जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में डिफिब्रिलेटर नियंत्रित विद्युत झटका देकर हृदय की सामान्य धड़कन बहाल करने में मदद करता है और मरीज की जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
शुक्रवार को अस्पताल की निदेशक डॉ. अखिलंदेश्वरी प्रसाद, मेडिकल सुपरिटेंडेंट विवेक दीवान तथा एएमएस आर.के. मोदी की मौजूदगी में इन मशीनों का औपचारिक हस्तांतरण किया गया।
बाल रोग विभाग के प्रमुख डॉ. दिनेश यादव ने बताया कि कार्डियक अरेस्ट के बाद शुरुआती चार से छह मिनट को ‘गोल्डन मिनट्स’ कहा जाता है। यदि इस दौरान डिफिब्रिलेटर का उपयोग कर दिया जाए तो मरीज के जीवित बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि जन्मजात हृदय रोग, गंभीर संक्रमण, ऑपरेशन के दौरान या बाद में उत्पन्न जटिलताओं तथा अन्य आपात स्थितियों में बच्चों को अचानक कार्डियक अरेस्ट या जानलेवा अतालता का खतरा हो सकता है। ऐसे मामलों में यह मशीन चिकित्सकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी।





