Uttar Pradesh : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के नवीन परिसर का लोकार्पण

Lucknow : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की नौकरशाही अब पॉलिसी पैरालिसिस का शिकार नहीं है, बल्कि पूरी तेजी के साथ विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने के लिए दौड़ने को तैयार है। विकसित भारत की आधारशिला उत्तर प्रदेश बनेगा और इसके लिए प्रदेश के प्रत्येक गांव, कस्बे और वार्ड को आत्मनिर्भर बनाना होगा। राजनीतिक नेतृत्व केवल विजन दे सकता है, लेकिन उसे धरातल पर उतारने की पूरी ताकत प्रशासनिक मशीनरी के पास होती है। इसलिए प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और सकारात्मक कार्यसंस्कृति बेहद जरूरी है।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के 464 करोड़ रुपये से अधिक लागत से 22 एकड़ से ज्यादा क्षेत्रफल में निर्मित अत्याधुनिक नवीन परिसर का लोकार्पण करने के उपरांत प्रशासनिक अधिकारियों और प्रशिक्षुओं को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भवन का उद्घाटन किया और परिसर का निरीक्षण कर विभिन्न सुविधाओं व व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

टीमवर्क व सकारात्मक सोच ही सफलता का आधार
सीएम ने कहा कि इस अकादमी को भारत के अग्रणी स्कूल ऑफ पब्लिक लीडरशिप के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। नॉलेज टू डेवलपमेंट, डेवलपमेंट टू पब्लिक ट्रस्ट और पब्लिक ट्रस्ट टू नेशन बिल्डिंग की संकल्पना को साकार करने में यह संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसी उद्देश्य से आधुनिक सुविधाओं से युक्त अकादमी का निर्माण कराया गया है। एकला चलो की सोच या टीम को कमजोर करने की मानसिकता से अच्छे परिणाम नहीं मिल सकते। टीमवर्क, सकारात्मक सोच और नवाचार ही सफलता का आधार हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार सीखते रहने, तकनीक आधारित सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और नवाचार को अपनाने की आवश्यकता है।

नौ वर्षों में बदली उत्तर प्रदेश की पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पिछले नौ वर्षों की विकास यात्रा स्वयं बहुत कुछ कहती है। शासन व आमजन के बीच प्रशासनिक अधिकारी सबसे महत्वपूर्ण सेतु होते हैं। यदि यह सेतु मजबूत होगा तो सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा और जनता की धारणा भी सकारात्मक बनेगी। वर्ष 2017 से पहले दो-तीन दशकों तक उत्तर प्रदेश की छवि बेहद नकारात्मक हो गई थी। लोग मानने लगे थे कि देश की कोई भी योजना उत्तर प्रदेश में सफल नहीं हो सकती। इसके लिए केवल प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व भी जिम्मेदार था।

अब पहचान का संकट नहीं, टॉप-3 अर्थव्यवस्था में यूपी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपनी नई पहचान बनाई है। आज प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना चुका है। सुरक्षा, सुशासन, क्राउड मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी आधारित सुधार और प्रशासनिक कार्यप्रणाली के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अब यहां किसी के सामने पहचान का संकट नहीं है। अब कोई इसे बीमारू राज्य नहीं कह सकता। प्रदेश लगातार छह वर्षों से रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बना हुआ है। भारत सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रदेश लगातार पहले या दूसरे स्थान पर रहता है।

मिशन कर्मयोगी और आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर भी यूपी नंबर-1
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के मिशन कर्मयोगी के तहत आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर क्षमता निर्माण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पहले काफी पीछे था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों से अब देश में पहले स्थान पर है। यह हमारे प्रशासनिक तंत्र की कार्यक्षमता का प्रमाण है। विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के विजन को लेकर प्रदेशभर में व्यापक संवाद अभियान चलाया गया। विधानमंडल से लेकर गांवों की चौपाल तक चर्चा हुई। 300 वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों और पूर्व अधिकारियों ने विभिन्न वर्गों के बीच जाकर संवाद किया। प्रदेश सरकार के पोर्टल पर 98 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए, जिनके आधार पर विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया।

तकनीक ने खत्म किया भ्रष्टाचार, गरीब को मिला अधिकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी आधारित सुधारों ने आमजन के जीवन में बड़ा बदलाव किया है। राशन वितरण में ई-पॉस मशीनें लागू होने से शिकायतें समाप्त हो गईं और गरीबों को उनका पूरा अधिकार मिलने लगा। पहले राशन व्यवस्था में भ्रष्टाचार होता था, लेकिन अब पारदर्शिता आई है और जनता संतुष्ट है। गन्ना किसानों को पहले पर्ची, ब्लैक मार्केटिंग और घटतौली जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब मोबाइल पर ही पूरी जानकारी उपलब्ध हो जाती है। डीबीटी व्यवस्था लागू होने से पेंशन और अन्य योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंच रहा है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है।

*इन्फ्रास्ट्रक्चर में यूपी बना देश का अग्रणी राज्य*
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाला राज्य है। देश के लगभग 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं। फोर लेन और सिक्स लेन सड़क नेटवर्क तेजी से विकसित हुआ है। मेट्रो, एयरपोर्ट, रैपिड रेल, इनलैंड वॉटरवे जैसी परियोजनाएं उत्तर प्रदेश की नई पहचान बन चुकी हैं और यह सब डबल इंजन सरकार की ताकत का परिणाम है।

इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, मुख्य सचिव एसपी गोयल, पूर्व मुख्य सचिव आर. रमणी, अतुल गुप्ता, आलोक रंजन, अनूप चंद्र पांडेय, दुर्गा शंकर मिश्र, मनोज कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में प्रदेश के सेवारत एवं सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी और प्रशिक्षु अधिकारी मौजूद रहे।

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