Saturday, 7 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : भैया दूज के बाद फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र, शिक्षा, पुलिस, राजस्व में युवाओं को मिलेगी नौकरी- मुख्यमंत्री योगीLucknow : अब कोई भाई-भतीजावाद नहीं, 25 करोड़ जनता ही परिवार- सीएम योगीLucknow : योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती से मिली खाकी वर्दी, सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरेLucknow : दीपावली और छठ पूजा पर अलर्ट मोड में रहेंगे मेडिकल कॉलेज, 24 घंटे सक्रिय रहेंगी इमरजेंसी सेवाएंLucknow : योगी सरकार आपदा में जान गंवाने वालों के परिवार को देगी अब आठ लाख की आर्थिक मददAyodhya : उप राष्ट्रपति के आगमन से दीप प्रज्ज्वलन तक, रामनगरी में मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग कमानMathura : वृंदावन में धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतरा संत समाज, बोला संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तानChandigarh : चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए भाजपा ईडी , सीबीआई, इनकम टैक्स और इलेक्शन कमीशन का दुरुपयोग कर रही है- हरपाल सिंह चीमा

Consumer Court: टिकट रद्द होने के बाद राशि नहीं लौटाना पड़ा महंगा, ट्रैवल कंपनी को ब्याज समेत 72,750 रुपये लौटाने का आदेश

Consumer Court: टिकट रद्द होने के बाद राशि नहीं लौटाना पड़ा महंगा, ट्रैवल कंपनी को ब्याज समेत 72,750 रुपये लौटाने का आदेश

नोएडा। जिला उपभोक्ता आयोग ने थाईलैंड यात्रा रद्द होने के बाद टिकट की राशि वापस नहीं करने पर ट्रैवल डेस्टिनी नाउ कंपनी को फटकार लगाते हुए पीड़ित को छह प्रतिशत ब्याज सहित 72,750 रुपये 30 दिनों के भीतर लौटाने का आदेश दिया है। आयोग ने कंपनी को सेवा में कमी का दोषी माना।

नोएडा निवासी हेमंत वेदी ने बताया कि उन्होंने मई 2025 में नई दिल्ली से थाईलैंड की यात्रा के लिए 19 जून 2025 का टिकट बुक कराया था, जिसके लिए 2,67,750 रुपये का भुगतान किया गया। लेकिन 16 मई 2025 को उनके पिता का निधन हो जाने के कारण उन्हें यात्रा रद्द करनी पड़ी। इस पर कंपनी ने केवल 50 प्रतिशत राशि लौटाने की पेशकश की।

जांच में सामने आया कि टिकट रद्द होने के बाद एयर इंडिया ने 67,750 रुपये मेक माई ट्रिप को वापस कर दिए थे और यह राशि बुकिंग करने वाली ट्रैवल कंपनी को भी मिल गई थी। इसके बावजूद कंपनी ने उपभोक्ता को पैसा वापस नहीं किया। कई बार अनुरोध करने के बाद भी राशि नहीं लौटाई गई।

मामला जिला उपभोक्ता आयोग पहुंचा। सुनवाई के दौरान कंपनी ने अपना पक्ष भी प्रस्तुत नहीं किया। आयोग ने एकपक्षीय सुनवाई करते हुए इसे सेवा में कमी माना और कंपनी को छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 72,750 रुपये लौटाने का आदेश दिया। इसके अलावा दो हजार रुपये वाद व्यय और दो हजार रुपये मानसिक पीड़ा के मुआवजे के रूप में भी देने के निर्देश दिए गए हैं।

 

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें