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Defence Manufacturing: अब स्वदेशी एल्युमिनियम से बनेंगे लड़ाकू विमान, मिसाइल और सैटेलाइट, नागपुर में लगेगी अत्याधुनिक प्रेस

Defence Manufacturing: अब स्वदेशी एल्युमिनियम से बनेंगे लड़ाकू विमान, मिसाइल और सैटेलाइट, नागपुर में लगेगी अत्याधुनिक प्रेस

नई दिल्ली/नागपुर: रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ाते हुए भारत अब लड़ाकू विमानों, मिसाइलों और अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए जरूरी विशेष एल्युमिनियम ढांचों का उत्पादन देश में ही करेगा। इसके लिए नागपुर स्थित यंत्र इंडिया लिमिटेड (वाईआईएल) की आयुध निर्माणी अंबाझरी में 10,000 टन क्षमता वाली अत्याधुनिक एल्युमिनियम एक्सट्रूजन प्रेस स्थापित की जाएगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल में रणनीतिक जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना भविष्य के लिए उचित नहीं है। देश की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए स्वदेशी उत्पादन क्षमता बढ़ाना बेहद जरूरी है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि नई एल्युमिनियम एक्सट्रूजन प्रेस के माध्यम से भारत में उच्च गुणवत्ता वाले एल्युमिनियम मिश्रधातु प्रोफाइल तैयार किए जाएंगे। इनका उपयोग लड़ाकू विमानों, मिसाइलों, अंतरिक्ष यानों, रेलवे और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाएगा।

इस परियोजना से रक्षा उपकरणों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले विशेष एल्युमिनियम उत्पादों के लिए विदेशी निर्भरता कम होगी। साथ ही घरेलू रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और देश में एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला विकसित होगी।

राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने स्वदेशी रक्षा उपकरणों और भारत की तकनीकी क्षमता की ताकत को साबित किया है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन केवल सैन्य जरूरतों को पूरा करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह देश की रणनीतिक स्वतंत्रता का आधार भी है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में भारत का रक्षा उत्पादन करीब 46 हजार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, देश का रक्षा निर्यात भी बढ़कर 38,424 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है।

रक्षा मंत्री ने विश्वास जताया कि भारत जल्द ही 3 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन और 50 हजार करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात के लक्ष्य को हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार स्वदेशी तकनीक, निजी क्षेत्र की भागीदारी और आधुनिक निर्माण सुविधाओं को बढ़ावा देकर रक्षा क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

नागपुर में स्थापित होने वाली यह अत्याधुनिक एल्युमिनियम एक्सट्रूजन प्रेस देश की रक्षा और अंतरिक्ष क्षमताओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे भारत को अत्याधुनिक सैन्य प्लेटफॉर्म और अंतरिक्ष मिशनों के लिए आवश्यक सामग्री के उत्पादन में बड़ी आत्मनिर्भरता मिलेगी।

 

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