Mango Tips: आम खरीदते समय न करें यह गलती, चमकदार रंग के पीछे छिपा हो सकता है सेहत का बड़ा खतरा

Mango Tips: आम खरीदते समय न करें यह गलती, चमकदार रंग के पीछे छिपा हो सकता है सेहत का बड़ा खतरा
नई दिल्ली, 10 जून। गर्मियों का मौसम आते ही बाजारों में आम की बहार दिखाई देने लगती है। फलों का राजा कहलाने वाला आम हर उम्र के लोगों की पहली पसंद होता है, लेकिन बाजार में मिलने वाला हर पीला और आकर्षक दिखने वाला आम प्राकृतिक रूप से पका हुआ हो, यह जरूरी नहीं है। अधिक मुनाफा कमाने की होड़ में कुछ कारोबारी आमों को जल्दी पकाने के लिए प्रतिबंधित रसायनों का इस्तेमाल करते हैं, जो उपभोक्ताओं की सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के विशेषज्ञों का कहना है कि आम खरीदते समय केवल उसके रंग और आकार को देखकर फैसला करना सही नहीं है। कई बार देखने में सुंदर और चमकदार आम रसायनों की मदद से कृत्रिम रूप से पकाए जाते हैं। ऐसे फलों का सेवन लंबे समय तक करने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ व्यापारी आमों को तेजी से पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग करते हैं। इस रसायन से निकलने वाली एसिटिलीन गैस फलों को जल्दी पकाने का काम करती है। हालांकि इससे आम बाहर से आकर्षक और पूरी तरह पीले दिखाई देते हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता, स्वाद और पोषण मूल्य प्रभावित हो सकता है। इतना ही नहीं, व्यावसायिक कैल्शियम कार्बाइड में आर्सेनिक और फास्फोरस जैसी हानिकारक अशुद्धियां भी मौजूद हो सकती हैं, जो शरीर के लिए नुकसानदायक मानी जाती हैं।
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे रसायनों से पकाए गए फलों के लगातार सेवन से तंत्रिका तंत्र, श्वसन तंत्र और पाचन तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। सिरदर्द, चक्कर आना, सांस लेने में परेशानी और पेट संबंधी समस्याएं भी इससे जुड़ी हो सकती हैं। इसलिए आम खरीदते समय थोड़ी सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, केमिकल से पकाए गए आमों की पहचान कुछ आसान संकेतों के जरिए की जा सकती है। यदि आम का रंग पूरी तरह एक जैसा चमकीला पीला हो, उसमें प्राकृतिक खुशबू न हो, ऊपर से नरम लेकिन अंदर से सख्त महसूस हो, स्वाद फीका लगे या उसके छिलके पर सफेद पाउडर जैसा अवशेष दिखाई दे, तो ऐसे आमों को खरीदने से बचना चाहिए।
वहीं प्राकृतिक रूप से पके हुए आमों में हरे और पीले रंग का मिश्रण दिखाई देता है। डंठल के पास से मीठी और प्राकृतिक सुगंध आती है तथा हल्का दबाने पर फल थोड़ा नरम महसूस होता है। ऐसे आमों का स्वाद अधिक रसीला, मीठा और प्राकृतिक होता है। छिलके पर छोटे-छोटे काले धब्बे भी दिखाई दे सकते हैं, जो सामान्य माने जाते हैं और फल की गुणवत्ता को प्रभावित नहीं करते।
विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूक उपभोक्ता ही इस तरह के स्वास्थ्य जोखिमों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका हैं। इसलिए अगली बार जब आप आम खरीदने जाएं, तो केवल उसके चमकदार रंग पर भरोसा न करें, बल्कि उसकी खुशबू, बनावट और अन्य प्राकृतिक संकेतों को भी ध्यान से जांचें। थोड़ी सी सावधानी आपके परिवार को बेहतर स्वाद के साथ सुरक्षित स्वास्थ्य भी दे सकती है।





