Uttar Pradesh : हापुड़ में नकली घी फैक्ट्री का भंडाफोड़, ‘आनंद’ ब्रांड के नाम पर बेचा जा रहा था मिलावटी माल

Hapur : हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में खाद्य माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली घी बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। तहसील प्रशासन, पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने रविवार देर रात छापेमारी कर एक मकान के भीतर संचालित अवैध इकाई का पर्दाफाश किया, जहां बड़े पैमाने पर मिलावटी घी तैयार कर बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान अधिकारियों को मौके से भारी मात्रा में तैयार माल, कच्चा माल, पैकिंग सामग्री और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संचालक वनस्पति और अन्य सामग्री से मिल्क फैट तैयार कर उसे शुद्ध देसी घी बताकर पैक कर रहा था। यह नकली उत्पाद कथित रूप से ‘आनंद’ ब्रांड के नाम से बाजार में बेचा जा रहा था, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था।
प्रशासन को लंबे समय से क्षेत्र में मिलावटी घी की सप्लाई की शिकायतें मिल रही थीं। इसी क्रम में मिली गोपनीय सूचना के आधार पर एसडीएम गढ़मुक्तेश्वर श्रीराम यादव के नेतृत्व में पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात संदिग्ध स्थान पर छापा मारा। टीम के पहुंचते ही फैक्ट्री में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने जब अंदर जाकर जांच की तो वहां नकली घी तैयार करने और उसकी पैकिंग करने की पूरी व्यवस्था मिली। बड़ी मात्रा में पैकिंग पाउच, लेबल, डिब्बे और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग के जिला अभिहित अधिकारी सुनील कुमार और खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरपी गंगवार भी मौजूद रहे। टीम ने मौके से कई नमूने एकत्र कर उन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि तैयार किया जा रहा उत्पाद किस स्तर तक मिलावटी था और उसमें कौन-कौन से तत्व मिलाए जा रहे थे। रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम गढ़मुक्तेश्वर श्रीराम यादव ने बताया कि सूचना के आधार पर संयुक्त टीम द्वारा कार्रवाई की गई है। मौके से बड़ी मात्रा में संदिग्ध घी, कच्चा माल और पैकिंग सामग्री बरामद हुई है। खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।





