Yamuna City: यमुना सिटी में लगेगा स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम, दिन में जलती स्ट्रीट लाइटों और बिजली चोरी पर लगेगी रोक

Yamuna City: यमुना सिटी में लगेगा स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम, दिन में जलती स्ट्रीट लाइटों और बिजली चोरी पर लगेगी रोक
नोएडा। यमुना सिटी में बिजली की बर्बादी रोकने और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए अब ‘स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम’ लागू किया जाएगा। नई तकनीक के जरिए शहर के हर सेक्टर में सड़क किनारे लगी स्ट्रीट लाइटों की स्थिति कंप्यूटर स्क्रीन पर लाइव देखी जा सकेगी। इससे दिन के समय बेवजह जलने वाली लाइटों पर रोक लगेगी और बिजली की अनावश्यक खपत कम होगी। साथ ही बिजली चोरी और पैनलों से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर भी प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के एसीईओ मनीष मीणा ने बताया कि उन्होंने हाल ही में यमुना सिटी के विभिन्न सेक्टरों का निरीक्षण किया था। इस दौरान सेक्टर-29 समेत कई इलाकों में दिन के समय भी सड़क किनारे लगी स्ट्रीट लाइटें जलती मिलीं। फिलहाल स्ट्रीट लाइट संचालन की पूरी व्यवस्था मैन्युअल है, जिसके कारण कई बार कर्मचारी समय पर लाइटें बंद नहीं कर पाते और घंटों तक बिजली की अनावश्यक खपत होती रहती है।
इसी समस्या को दूर करने के लिए प्राधिकरण ने स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए जल्द ही कंपनी चयनित करने हेतु आरएफपी जारी की जाएगी। नई प्रणाली के लागू होने के बाद कंट्रोल रूम से ही यह पता लगाया जा सकेगा कि किस सेक्टर में कितनी लाइटें चालू हैं, कौन-सी लाइट खराब है और कहां तकनीकी दिक्कत आ रही है।
स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम में ऑटोमेटिक सेंसर और रिमोट मॉनिटरिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सूर्यास्त होने पर स्ट्रीट लाइटें स्वतः चालू हो जाएंगी और सुबह तय समय पर अपने आप बंद हो जाएंगी। यदि किसी इलाके में बिजली आपूर्ति बाधित होती है या तकनीकी खराबी आती है तो उसकी सूचना तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी, जिससे समय रहते समस्या का समाधान किया जा सकेगा।
प्राधिकरण अधिकारियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से बिजली की खपत में बड़ी कमी आएगी और स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव पर आने वाला खर्च भी घटेगा। इसके अलावा लाइट पैनलों में अवैध छेड़छाड़ और बिजली चोरी जैसी गतिविधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। यमुना सिटी में स्मार्ट तकनीक आधारित यह पहल शहर को आधुनिक और ऊर्जा बचत की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।





