Noida Industrial Meeting: हाई पावर कमेटी ने उद्यमियों से की चर्चा, इन-हैंड सैलरी बढ़ाने का सुझाव

Noida Industrial Meeting: हाई पावर कमेटी ने उद्यमियों से की चर्चा, इन-हैंड सैलरी बढ़ाने का सुझाव
नोएडा में हालिया श्रमिक आंदोलन के बाद औद्योगिक शांति बहाल करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित हाई पावर कमेटी की एक अहम बैठक गुरुवार को ग्रेटर नोएडा स्थित कार्यालय में आयोजित की गई। इस बैठक में उद्यमी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई, ताकि उद्योग और श्रमिकों के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके और भविष्य में किसी भी तरह के टकराव को रोका जा सके।
बैठक की अध्यक्षता औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने की, जबकि इसमें अपर मुख्य सचिव (एमएसएमई) आलोक कुमार, जिलाधिकारी मेधा रूपम, मेरठ मंडल के आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी, उपायुक्त उद्योग पंकज निर्वाण और अपर श्रम आयुक्त राकेश द्विवेदी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर मौजूदा औद्योगिक हालात और श्रमिक-उद्यमी संबंधों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया।
बैठक के दौरान नोएडा एंटरप्रिनियोर्स एसोसिएशन (एनईए) के अध्यक्ष विपिन कुमार मल्हन ने उद्यमियों का पक्ष रखते हुए कहा कि हाल के घटनाक्रम में उद्योग जगत खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने श्रमिकों के हितों की बात तो की, लेकिन उद्यमियों के प्रति समान संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई, जिससे असंतोष की स्थिति बनी।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पिछले कई दशकों से उद्यमियों और श्रमिकों के बीच बेहतर तालमेल रहा है और यही समन्वय नोएडा और गौतमबुद्ध नगर को एक मजबूत औद्योगिक हब बनाने में सहायक रहा है। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।
विपिन मल्हन ने श्रमिकों के लिए सस्ती आवासीय व्यवस्था की जरूरत को भी प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि ममूरा क्षेत्र में पहले श्रमिक कुंज बनाए गए थे, लेकिन उसके बाद इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों में किफायती आवास की कमी श्रमिकों के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
बैठक में एक महत्वपूर्ण सुझाव यह भी सामने आया कि श्रमिकों की इन-हैंड सैलरी बढ़ाने के लिए उनके वेतन से होने वाली पीएफ और ईएसआई की कटौती को समाप्त किया जाए। एनईए का कहना है कि उद्यमी अपनी ओर से पीएफ और ईएसआईसी में योगदान पहले की तरह जारी रख सकते हैं, लेकिन श्रमिकों के हिस्से की कटौती सीधे उन्हें दी जानी चाहिए, जिससे उनकी वास्तविक आय में वृद्धि हो सके।
इस प्रस्ताव को लॉन्ग टर्म समाधान के रूप में पेश किया गया, ताकि श्रमिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो और उद्योगों में स्थिरता बनी रहे। बैठक में एनईए के महासचिव वीके सेठ, उपाध्यक्ष सुधीर श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने भी विभिन्न सुझाव रखे।
सरकार और प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि सभी पक्षों के सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और औद्योगिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए संतुलित निर्णय लिए जाएंगे। इस बैठक को नोएडा के औद्योगिक भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





