Indian Coast Guard FPV Project: तटरक्षक बल के लिए दो फास्ट पेट्रोल वेसल का निर्माण शुरू, MDL मुंबई में हुई शुरुआत

Indian Coast Guard FPV Project: तटरक्षक बल के लिए दो फास्ट पेट्रोल वेसल का निर्माण शुरू, MDL मुंबई में हुई शुरुआत
नई दिल्ली और मुंबई में भारतीय तटरक्षक बल के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) परियोजना के तहत मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) में दो नए पोतों का निर्माण औपचारिक रूप से शुरू किया गया। इस दौरान FPV-4 के लिए कील बिछाने और FPV-7 के लिए प्लेट कटिंग की प्रक्रिया पूरी की गई।
यह परियोजना भारतीय तटरक्षक की कुल 14 फास्ट पेट्रोल वेसल श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य तटीय सुरक्षा और समुद्री कानून प्रवर्तन को और मजबूत बनाना है। करीब 340 टन विस्थापन क्षमता वाले ये वॉटर-जेट संचालित पोत आधुनिक तकनीक से लैस होंगे, जिससे समुद्री निगरानी और त्वरित कार्रवाई क्षमता में बड़ा सुधार होगा।
इन जहाजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस सिस्टम और बहुउद्देश्यीय ड्रोन जैसी अत्याधुनिक तकनीक शामिल की जा रही है। इससे न केवल इन पोतों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि समुद्री क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा भी अधिक प्रभावी होगी।
स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के तहत इन पोतों के कई महत्वपूर्ण उपकरण भारत में ही तैयार किए जा रहे हैं। इनमें गियर बॉक्स मैसूर स्थित त्रिवेणी इंजीनियरिंग द्वारा और वॉटर जेट एमजेपी इंडिया द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह कदम ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करता है।
इन फास्ट पेट्रोल वेसल के शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय तटरक्षक बल की मौजूदगी और परिचालन क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी, जिससे देश की समुद्री सीमाएं और अधिक सुरक्षित बनेंगी।





