Uttar Pradesh women empowerment: उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की नई इबारत, योगी सरकार के 9 वर्ष

Uttar Pradesh women empowerment: उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की नई इबारत, योगी सरकार के 9 वर्ष
आगरा, 22 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने महिला सशक्तिकरण और बाल विकास के क्षेत्र में पिछले नौ वर्षों में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। आज आगरा में महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि योगी सरकार के 9 साल में प्रदेश की महिलाओं और बच्चों के जीवन में न केवल सुधार हुआ है, बल्कि उनके लिए स्वावलंबन और सुरक्षा की मजबूत व्यवस्था भी कायम हुई है।
बेबी रानी मौर्य ने बताया कि कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से अब तक 26.81 लाख बेटियों को लाभ मिला है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत 1 लाख 5 हजार बेसहारा बच्चों को संरक्षण दिया गया है, वहीं मिशन वात्सल्य के अंतर्गत 1 लाख से अधिक बच्चों को उनके बिछड़े परिवारों से मिलाया गया है। स्वास्थ्य और पोषण के मोर्चे पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से 60 लाख माताओं को लाभ मिला है। संस्थागत प्रसव का आंकड़ा 84 प्रतिशत पार कर गया है। 0 से 5 वर्ष के बच्चों में स्टंटिंग में 6.6% और अंडरवेट में 7.5% की गिरावट दर्ज की गई। आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण ट्रैकर तकनीक से कुपोषण के खिलाफ युद्ध स्तर पर काम हो रहा है।
महिला सुरक्षा के क्षेत्र में भी योगी सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। यूपी-112 का रिस्पांस टाइम 1 घंटे 5 मिनट से घटकर मात्र 6 मिनट 41 सेकंड हो गया है। प्रदेश के हर थाने में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। बलात्कार की घटनाओं में 33.92%, अपहरण में 17.03% और घरेलू हिंसा में 9.54% की कमी आई है। महिलाओं के लिए यूपी पुलिस में 20% पद आरक्षित किए गए हैं, जिससे 44,000 से अधिक महिलाएं पुलिस बल का हिस्सा बन चुकी हैं। नई महिला P.A.C. बटालियन का गठन और हर जिले में एंटी रोमियो स्क्वायड की तैनाती भी की गई है।

आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत 18.55 लाख से अधिक महिलाओं ने लाखों की आमदनी अर्जित की है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 1 करोड़ से अधिक महिलाएं अब आर्थिक रूप से स्वतंत्र हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति मिली है, जिससे महिला श्रम भागीदारी 13% से बढ़कर 36% हो गई है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं का मानदेय अप्रैल 2026 से बढ़ाया गया है। उन्हें जीवन ज्योति और सुरक्षा बीमा योजनाओं से जोड़ा गया है। 1.90 लाख से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र अब प्री-स्कूल के रूप में अपग्रेड किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 5.20 लाख बेटियों के हाथ पीले कराए गए हैं।
बेबी रानी मौर्य ने कहा कि योगी सरकार ने महिलाओं और बच्चों के विकास को केवल कल्याणकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि सुरक्षा, सम्मान, पोषण, शिक्षा और स्वावलंबन को एक साथ सुनिश्चित किया। उत्तर प्रदेश में “सुरक्षित नारी, सक्षम नारी, स्वावलंबी नारी” अब नारा नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत बन चुका है।



