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Jewar Airport Expansion: जमीन अधिग्रहण के लिए सरकार ने जारी किए हजारों करोड़, औपचारिकताओं में उलझे किसान

Jewar Airport Expansion: जमीन अधिग्रहण के लिए सरकार ने जारी किए हजारों करोड़, औपचारिकताओं में उलझे किसान

नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के तीसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सरकार ने नियाल में अपनी अंशधारिता के अनुरूप लगभग पूरी धनराशि जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी है ताकि किसानों को समय पर मुआवजा दिया जा सके। हालांकि जमीनी स्तर पर औपचारिकताओं की जटिल प्रक्रिया के कारण किसानों को मुआवजा लेने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और भुगतान की रफ्तार अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रही है।

एयरपोर्ट के विस्तार के लिए जेवर क्षेत्र के 14 गांवों की कुल 1857.77 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जा रही है। जिला प्रशासन किसानों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर मुआवजे की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेज रहा है। किसानों की सुविधा के लिए प्रशासन ने सभी 14 गांवों में लेखपालों की ड्यूटी लगाई है, जो गांव-गांव जाकर मुआवजा फाइल उपलब्ध करा रहे हैं। इसके बावजूद फाइल पूरी करने की प्रक्रिया किसानों के लिए चुनौती बन गई है।

सबसे बड़ी अड़चन भार मुक्त प्रमाण पत्र, जिसे बारह साला भी कहा जाता है, प्राप्त करने में आ रही है। यह प्रमाण पत्र संबंधित जमीन पर किसी प्रकार के बंधक या कानूनी बोझ न होने की पुष्टि करता है। इसे प्राप्त करने के लिए किसानों को सब रजिस्ट्रार कार्यालय जाना पड़ता है। सरकार की ओर से इसके लिए 100 रुपये का शुल्क निर्धारित है, लेकिन एयरपोर्ट अधिग्रहण के बाद बारह साल की अवधि का अतिरिक्त शुल्क देने के बावजूद किसानों को 10 से 15 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।

इसके अलावा किसानों को बैंकों से नो ड्यूज सर्टिफिकेट (एनडीसी), खतौनी और शपथ पत्र जैसे अन्य दस्तावेज भी जुटाने पड़ रहे हैं। इन सभी कागजातों को एकत्र कर फाइल जमा करने में 15 से 20 दिन का समय लग रहा है। परिणामस्वरूप मुआवजा वितरण की प्रक्रिया धीमी हो गई है और कई किसान भुगतान की प्रतीक्षा में हैं।

भूमि अधिग्रहण को जल्द पूरा करने के उद्देश्य से सरकार ने खजाना खोल दिया है। कुल 1857.77 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण पर लगभग 8691 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। नियाल में राज्य सरकार की 37.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जिसके अनुसार सरकार को अपने हिस्से के लगभग 3259 करोड़ रुपये देने थे। अब तक सरकार पहली किस्त में 1315 करोड़, दूसरी किस्त में 1499 करोड़ और तीसरी किस्त में हाल ही में 207 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। इस प्रकार कुल 3022 करोड़ रुपये जिला प्रशासन को किसानों को मुआवजा वितरण के लिए भेजे जा चुके हैं।

नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण भी अपने हिस्से की अधिकांश धनराशि जिला प्रशासन को उपलब्ध करा चुके हैं, जिससे वित्तीय स्तर पर कोई बाधा नहीं है। चुनौती केवल दस्तावेजी प्रक्रिया और प्रशासनिक औपचारिकताओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की है।

प्रभारी उप निबंधक जेवर समीर सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट के 14 गांवों का अवार्ड घोषित होने के बाद प्रतिदिन 300 से 500 तक भार मुक्त प्रमाण पत्र के आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। कार्यालय में कर्मचारियों की पहले से कमी है और कई बार सर्वर या नेटवर्क संबंधी समस्याएं भी सामने आती हैं। इसके बावजूद प्रयास किया जा रहा है कि सर्च प्रक्रिया पूरी कर एक सप्ताह के भीतर प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाए।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी आधारभूत संरचना योजनाओं में से एक है। ऐसे में भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाना प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। किसानों को उम्मीद है कि औपचारिकताओं को सरल बनाकर उन्हें शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि परियोजना समय पर आगे बढ़ सके।

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