AIIMS Delhi: अब बाल कैंसर नहीं रहा असाध्य, इलाज के बाद 94.5% बच्चों की बढ़ी जीवन दर

AIIMS Delhi: अब बाल कैंसर नहीं रहा असाध्य, इलाज के बाद 94.5% बच्चों की बढ़ी जीवन दर
नई दिल्ली, 15 फरवरी: भारत में बाल कैंसर को लेकर एक बेहद सकारात्मक और उम्मीद जगाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। एक बड़े राष्ट्रीय अध्ययन में पाया गया है कि यदि कैंसर से पीड़ित बच्चे अपना पूरा उपचार समय पर और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार पूरा कर लेते हैं, तो लगभग 94.5 प्रतिशत बच्चे पांच साल तक जीवित रहते हैं। इस आंकड़े ने उन हजारों परिवारों को नई उम्मीद दी है, जो अब तक बाल कैंसर को लगभग असाध्य बीमारी मानते रहे हैं।
यह अध्ययन भारतीय बाल चिकित्सा हेमाटोलॉजी ऑन्कोलॉजी समूह द्वारा संचालित देश के पहले बड़े सरवाइवरशिप प्रोग्राम के तहत किया गया। इसके निष्कर्ष प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल The Lancet Regional Health – Southeast Asia में प्रकाशित हुए हैं। अध्ययन में करीब 5,400 बच्चों को शामिल किया गया, जिनका इलाज देश के 20 से अधिक प्रमुख कैंसर उपचार केंद्रों पर हुआ। इनमें AIIMS Delhi समेत दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और बेंगलुरु के बड़े अस्पताल शामिल रहे।
एम्स दिल्ली की वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. रचना सेठ के अनुसार, 2016 से 2024 के बीच एकत्रित आंकड़ों के विश्लेषण में पांच साल का ओवरऑल सर्वाइवल रेट 94.5 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं इवेंट-फ्री सर्वाइवल, यानी जिन बच्चों में इलाज के बाद बीमारी दोबारा नहीं लौटी, वह दर 89.9 प्रतिशत रही। जिन बच्चों का दो साल से अधिक समय तक फॉलो-अप किया गया, उनमें पांच साल तक जीवित रहने की दर लगभग 98.2 प्रतिशत पाई गई।
अध्ययन में यह भी स्पष्ट किया गया कि बेहतर परिणाम उन्हीं बच्चों में देखे गए जिन्होंने कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और सर्जरी जैसे सभी आवश्यक उपचार चरणों को पूरा किया। विशेषज्ञों ने बताया कि बाल कैंसर के मामलों में इलाज बीच में छोड़ देना सबसे बड़ी चुनौती है। कई बार आर्थिक तंगी, सामाजिक दबाव या जागरूकता की कमी के कारण परिवार उपचार अधूरा छोड़ देते हैं, जिससे सफलता दर प्रभावित होती है।
चिकित्सकों का मानना है कि समय पर पहचान, सही अस्पताल में उपचार, और नियमित फॉलो-अप से अब भारत में भी बाल कैंसर का सफल इलाज संभव है। यह अध्ययन इस बात का मजबूत संकेत देता है कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और संगठित उपचार प्रणाली के जरिए बच्चों को लंबा और स्वस्थ जीवन दिया जा सकता है।
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