Greater Noida Child Kidnapping Rumour: बच्चा चोर के शक में बुजुर्ग महिला की पिटाई, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

Greater Noida Child Kidnapping Rumour: बच्चा चोर के शक में बुजुर्ग महिला की पिटाई, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप
नोएडा। ग्रेटर नोएडा के जेवर कोतवाली क्षेत्र के नगला जहानु गांव में अफवाह के आधार पर भीड़ द्वारा एक बुजुर्ग महिला के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। बच्चा चोर होने के शक में ग्रामीणों ने महिला को घेर लिया और उसके साथ हाथापाई की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है।
वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि कुछ ग्रामीण एक बुजुर्ग महिला को चारों ओर से घेरकर उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। वीडियो में मौजूद लोगों की आवाजों से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि महिला पर बच्चा चोरी का आरोप लगाते हुए उसे पकड़ा गया था। ग्रामीणों का दावा है कि महिला गांव के पास जंगल क्षेत्र में संदिग्ध हालत में छिपी हुई थी। इसी आधार पर उन्हें उस पर बच्चा चोर होने का संदेह हुआ और बिना किसी ठोस सबूत के उसे पकड़कर पीटना शुरू कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही जेवर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और बुजुर्ग महिला को ग्रामीणों के चंगुल से मुक्त कराया। पुलिस ने महिला को तत्काल अपने संरक्षण में लेकर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही थी और वह मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला असमंजस की स्थिति में इधर-उधर भटक रही थी, जिससे ग्रामीणों को संदेह हुआ।
इस घटना ने एक बार फिर अफवाहों और सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं के खतरे को उजागर किया है। पिछले कुछ वर्षों में बच्चा चोरी की अफवाहों के कारण देश के कई हिस्सों में भीड़ द्वारा हिंसा की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना सत्यापन के फैली अफवाहें अक्सर निर्दोष लोगों को निशाना बना देती हैं।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी व्यक्ति पर संदेह हो तो कानून अपने हाथ में लेने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचित किया जाना चाहिए। किसी भी प्रकार की भीड़ हिंसा कानूनन अपराध है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वायरल वीडियो के आधार पर मारपीट में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि किए किसी भी संदेश को साझा न करें। साथ ही, गांवों और कस्बों में जागरूकता अभियान चलाने की भी बात कही जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
यह घटना न केवल कानून व्यवस्था बल्कि समाज में फैलती अफवाहों के दुष्प्रभावों को भी उजागर करती है। एक मानसिक रूप से अस्वस्थ बुजुर्ग महिला के साथ हुई यह मारपीट इस बात की चेतावनी है कि जागरूकता और संवेदनशीलता की कमी किस तरह गंभीर परिणाम ला सकती है।
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