
New Delhi : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तिमारपुर के मलकागंज चौक पर आयोजित कार्यक्रम में एससी/एसटी बस्तियों के सुधार के लिए 85 करोड़ रुपये की 146 विकास परियोजनाओं को मंजूरी देने की घोषणा की। इस दौरान 9 पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण और 64 नई योजनाओं का शिलान्यास भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र पर चलते हुए राजधानी की उन बस्तियों के विकास को प्राथमिकता दे रही है जहां मेहनतकश परिवार रहते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली केवल बड़ी इमारतों से नहीं, बल्कि उन बस्तियों से बनती है जहां आम नागरिक रहते हैं।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह, विधायक सूर्य प्रकाश खत्री और विधायक अशोक गोयल सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों की औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर विकास कार्यों को तेजी से शुरू किया जाए।
उन्होंने बताया कि 4.12 करोड़ रुपये की लागत से 9 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 38.63 करोड़ रुपये की लागत से 64 नई परियोजनाओं का काम जल्द शुरू होगा। इनमें चौपालों का नवीनीकरण, सड़कों का निर्माण, पार्कों का विकास, सीवर लाइन बिछाना और पेयजल सुविधाओं का विस्तार शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के 357 दिनों के कार्यकाल में वर्षों से लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया गया है। अब विकास कार्य पारदर्शिता के साथ हो रहे हैं और धन सीधे जनता के हित में खर्च किया जा रहा है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये तक की विकास परियोजनाओं को स्वीकृति दी जा रही है। राजधानी में आरोग्य मंदिर, अटल कैंटीन, नए स्कूल, फ्लाईओवर और अस्पतालों का विस्तार किया जा रहा है। मलकागंज और तिमारपुर सहित अन्य क्षेत्रों में उपेक्षित गलियों, नालों और पार्कों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।
कैबिनेट मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि सरकार अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के संकल्प के साथ काम कर रही है। पहले सीमित बजट और अधूरी योजनाओं के कारण लाभ पूरी तरह लोगों तक नहीं पहुंच पाता था, लेकिन इस वर्ष बजट को लगभग 65 करोड़ से बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये किया गया है। बस्तियों में कम्युनिटी सेंटर, चौपाल, लाइब्रेरी, प्रशिक्षण केंद्र सहित 32 प्रकार के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि वंचित वर्गों को सम्मानजनक जीवन मिल सके।
यह योजना उन बस्तियों में लागू की जा रही है जहां एससी/एसटी आबादी 33 प्रतिशत या उससे अधिक है। इसके तहत सड़कों का निर्माण और सुदृढ़ीकरण, सामुदायिक केंद्रों और पार्कों का विकास, सीवर लाइन बिछाना तथा पुस्तकालय और डिस्पेंसरी जैसी सुविधाओं का निर्माण और सुधार किया जाएगा।
लोकार्पित परियोजनाओं में नजफगढ़ में जाटव समाज चौपाल का निर्माण व नवीनीकरण, विकासपुरी के बूढ़ेला गांव में वाल्मीकि चौपाल का जीर्णोद्धार, कोंडली के सपेरा बस्ती चौपाल का नवीनीकरण, मुंडका क्षेत्र में एससी/एसटी चौपाल का नवीनीकरण, नांगलोई फेज-2 में पार्कों का विकास व बाउंड्रीवाल निर्माण, विश्वास नगर में आरएमसी ड्रेन निर्माण, पटेल नगर में सामुदायिक भवन का निर्माण तथा गोकुलपुरी में सीसी पेवमेंट और ड्रेनेज कार्य शामिल हैं।





