
India US Trade Deal: व्यापार समझौते पर पीएम के आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल का बड़ा बयान, भारत धैर्य रखेगा लेकिन अपने हितों से नहीं हटेगा
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल ने बड़ा बयान दिया है। एनडीटीवी प्रॉफिट कॉन्क्लेव 2026 में बोलते हुए संजीव सान्याल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच एक मजबूत ट्रेड डील पाइपलाइन में है और भारत इस प्रक्रिया में पूरी तरह संतुलित और आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत कभी भी अनावश्यक रूप से तनाव नहीं बढ़ाता, लेकिन अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता भी नहीं करता।
संजीव सान्याल ने कहा कि भारत की नीति हमेशा से स्पष्ट रही है। देश जानता है कि उसके राष्ट्रीय हित क्या हैं और उन्हें लेकर कोई भ्रम नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो भारत धैर्य रखेगा, लेकिन अंत में सौदा उसी रूप में होगा जो भारत के हित में होगा। सान्याल के अनुसार, बीते कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर हालात काफी चुनौतीपूर्ण रहे हैं, इसके बावजूद भारत ने संयम और स्पष्ट रणनीति के साथ खुद को मजबूती से आगे बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि भारत ने ऑस्ट्रेलिया, यूएई, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ व्यापार समझौतों को लेकर संतुलित रुख अपनाया है। भारत की खासियत यह रही है कि वह बाहरी दबाव, टैरिफ या अन्य रणनीतिक हथकंडों से विचलित नहीं होता। भारत न तो जल्दी प्रतिक्रिया देता है और न ही बिना सोचे समझे कदम उठाता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति लगातार मजबूत हुई है।
संजीव सान्याल ने यह भी कहा कि अमेरिका से जुड़ी तमाम चर्चाओं और शोर-शराबे के बीच भारत ने संयम बनाए रखा, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया। इसी तरह का आकलन हाल ही में दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में भारतीय उद्योग जगत के नेताओं ने भी किया। भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने भी एनडीटीवी से बातचीत में कहा था कि भारत के नेतृत्व ने पूरे मुद्दे पर बेहद शांत और संतुलित दृष्टिकोण अपनाया।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के ढांचे के तहत भारत कई अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों पर शुल्क खत्म करने या घटाने पर विचार कर रहा है। इसके साथ ही अमेरिका से आने वाले खाद्य और कृषि उत्पादों जैसे ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, पशु आहार के लिए रेड सॉरघम, ड्राई फ्रूट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स पर भी टैरिफ में राहत दी जा सकती है। इस संभावित समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते और मजबूत होने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, संजीव सान्याल के बयान से यह संकेत मिलता है कि भारत वैश्विक व्यापार मंच पर न तो आक्रामक रुख अपनाता है और न ही दबाव में झुकता है। भारत की रणनीति स्पष्ट है, धैर्य, संतुलन और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के साथ आगे बढ़ना, ताकि देश को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ मिल सके।





