Delhi Road Accident: दिल्ली जल बोर्ड की बड़ी लापरवाही, जनकपुरी में गड्ढे में गिरने से युवक की दर्दनाक मौत

Delhi Road Accident: दिल्ली जल बोर्ड की बड़ी लापरवाही, जनकपुरी में गड्ढे में गिरने से युवक की दर्दनाक मौत
रिपोर्ट: रवि डालमिया
दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक गंभीर सड़क हादसा हुआ, जिसमें बाइक सवार युवक कमल की गहरी सड़क में बने गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। घटना देर रात की बताई जा रही है जब कमल ऑफिस से घर लौट रहा था। परिवार ने पूरी रात थानों और अधिकारियों के चक्कर लगाए, लेकिन युवक को समय पर नहीं ढूंढ पाए। परिवार ने दिल्ली जल बोर्ड की लापरवाही की आशंका जताई है, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इस हादसे ने सड़क सुरक्षा और सरकारी तंत्र की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि कमल पालम इलाके का रहने वाला था। रात के समय बाइक से गुजरते वक्त वह सड़क पर बने गहरे गड्ढे में गिर गया और खुद बाहर नहीं निकल सका। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दमकल विभाग के अनुसार गुरुवार रात करीब 8 बजे उन्हें सूचना मिली कि जनकपुरी जिला केंद्र के पास सड़क के गड्ढे में एक युवक गिरा हुआ है। दमकल की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और युवक को गड्ढे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। शव को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने कहा, “मुझे इस दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना की सूचना सुबह 8:30-9 बजे मिली। मैं वहीं था और जल बोर्ड को इसकी जांच करने का निर्देश दिया है। अगर कोई दोषी पाया जाता है, उसे बख्शा नहीं जाएगा। जल बोर्ड ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का ऑडिट किया था और परिपत्र जारी किए थे। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।”
मृतक के भाई ने बताया कि आखिरी बार उन्होंने फोन पर बातचीत की थी और कहा था कि वे 10 मिनट में घर पहुंच जाएंगे। जब रात 12:30 बजे फिर कॉल किया तो फोन नहीं उठा। परिवार ने रोहिणी स्थित कार्यालय और जनकपुरी पुलिस स्टेशन जाकर उनकी तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। रात 1:30 बजे गड्ढे का निरीक्षण किया, लेकिन तब भी वह नहीं मिले। सुबह पुलिस ने शव बरामद कर परिवार को सूचना दी। उन्होंने पुलिस की समय पर कार्रवाई न करने की आलोचना की और कहा कि अगर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की होती तो कमल जिंदा होता।
यह हादसा नोएडा में युवराज के साथ हुई सड़क दुर्घटना की याद दिलाता है और दिल्ली में सड़क सुरक्षा, सड़क में गड्ढों की देखभाल और सरकारी तंत्र की जिम्मेदारी पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।




