Noida Safety Action: निर्माणाधीन स्थलों और सड़कों की सुरक्षा जांच के लिए आठ टीमें गठित

Noida Safety Action: निर्माणाधीन स्थलों और सड़कों की सुरक्षा जांच के लिए आठ टीमें गठित
नोएडा। नोएडा में एक इंजीनियर की मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने कड़े कदम उठाए हैं। शहर में भविष्य में ऐसी किसी भी दुखद घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए निर्माणाधीन स्थलों, खुले गड्ढों और सेक्टरों के बीच मौजूद खुले नालों की व्यापक जांच के आदेश दिए गए हैं। इस उद्देश्य से कुल आठ विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में निरीक्षण कर दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान करेंगी। इन टीमों को तीन दिन के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्राधिकरण को सौंपनी होगी।
प्राधिकरण ने सभी बिल्डरों और निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माणाधीन साइटों पर सुरक्षा के सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जाए। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एहतियात के तौर पर पहले से ही दुर्घटना संभावित स्थानों पर दिशा सूचक बोर्ड, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेत लगाने का काम शुरू कर दिया गया है, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों को समय रहते सतर्क किया जा सके।
सेक्टरों के बीच मुख्य सड़कों के किनारे बने खुले नालों को कवर करने की प्रक्रिया भी तेज की जा रही है। इसके लिए निविदा पहले ही जारी की जा चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी है। प्राधिकरण ने यह भी फैसला लिया है कि सभी वर्क सर्किल के वरिष्ठ प्रबंधकों को शपथ पत्र देना होगा, जिसमें यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके क्षेत्र में कोई भी ऐसा स्थान नहीं है, जहां दुर्घटना की आशंका हो। इसके बावजूद यदि किसी क्षेत्र में हादसा होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित वर्क सर्किल प्रभारी की होगी।
सीईओ ने सड़कों पर या उनके आसपास मौजूद किसी भी प्रकार के गड्ढों को तुरंत चिन्हित कर भरने, साथ ही सड़कों पर दिशा संकेतक और अन्य सभी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने रविवार देर शाम महाप्रबंधक परियोजना एके सिंह और सभी वर्क सर्किल प्रभारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने सभी सहायक प्रबंधकों, प्रबंधकों और वरिष्ठ प्रबंधकों को अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर गड्ढों, यूटर्न, खतरनाक मोड़ों और अन्य जोखिम वाले स्थानों की पहचान करने और वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा।
सोमवार से परियोजना विभाग की टीमें दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान के कार्य में सक्रिय हो गई हैं। सड़कों पर रोड मार्किंग, कैट्स आई, सेंट्रल वर्ज की दीवारों पर पेंट और रिफ्लेक्टर, जिन नालों पर दीवार नहीं है वहां बेरिकेडिंग, और मुख्य मार्गों से जुड़ने वाले संपर्क मार्गों पर स्पीड ब्रेकर लगाने जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने 130 मीटर चौड़ी सड़क, सेक्टर दो और तीन सहित कई क्षेत्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित वर्क सर्किल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही विद्युत अभियांत्रिकी विभाग को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि शहर के किसी भी मार्ग पर अंधेरा न रहे। सभी सड़कों पर लगी स्ट्रीट लाइटों का परीक्षण कर उन्हें दुरुस्त किया जाए, ताकि रात के समय भी आवागमन पूरी तरह सुरक्षित रह सके।
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