Noida crime: 14 साल बाद स्कूल के चपरासी की हत्या का खुलासा, धर्मवीर को उम्रकैद की सजा

Noida crime: 14 साल बाद स्कूल के चपरासी की हत्या का खुलासा, धर्मवीर को उम्रकैद की सजा
नोएडा। जिले के न्यायालय ने 14 साल पुराने स्कूल के चपरासी हत्या मामले में दोषी धर्मवीर निवासी वैदपुरा को मंगलवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने उसके खिलाफ 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इस मामले में एक आरोपी को बरी कर दिया गया है, जबकि एक आरोपी की मौत हो चुकी है। एडीजीसी शिल्पी भदोरिया ने बताया कि यह हत्या का मामला वर्ष 2011 का है।
वादी धीरज सिंह ने थाना बिसरख पुलिस को बताया था कि उनका भाई कालू राम उर्फ कल्लू, जो वैदपुरा, गाजियाबाद का निवासी था, एक स्थानीय स्कूल में चपरासी के रूप में कार्य करता था। 29 मार्च 2011 को वह घर से निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 31 मार्च 2011 को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई।
पुलिस को थोड़ी ही देर बाद सूचना मिली कि थाना क्षेत्र में एक अज्ञात शव पड़ा है। शव की पहचान कालू राम उर्फ कल्लू के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि गांव के ही धर्मवीर, अशोक और महेंद्र ने 80 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर कल्लू की हत्या की थी। आरोपियों ने शव को खेत में फेंक दिया और पहचान छुपाने के लिए उसके मुंह पर तेजाब डाल दिया।
पुलिस ने तफ्तीश कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान आरोपी महेंद्र की मौत हो गई। अदालत ने सबूतों के अभाव में आरोपी अशोक को बरी कर दिया, जबकि धर्मवीर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इस निर्णय से पीड़ित परिवार को 14 साल बाद न्याय मिला।
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