उत्तर प्रदेश : गाजियाबाद में तलवार वितरण मामला, पुलिस पर गंभीर आरोप

Ghaziabad News : शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र में हिंदू रक्षा दल द्वारा तलवारें बांटने का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और यह विवाद कानून व्यवस्था से निकलकर राजनीतिक और सामाजिक टकराव का रूप लेता दिख रहा है। संगठन के अध्यक्ष पिंकी चौधरी द्वारा जारी वीडियो के बाद जहां प्रशासन पर सीधा हमला बोला गया, वहीं अब उनकी बेटियों ने पुलिस पर अवैध हिरासत, उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर पुलिस इस पूरे प्रकरण में पिंकी चौधरी और संगठन से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
मामला उस समय सामने आया जब शालीमार गार्डन इलाके में हिंदू रक्षा दल की ओर से कथित रूप से तलवारें वितरित की गईं। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने हाथों में तलवारें लेकर उन्हें लहराया और धार्मिक नारे भी लगाए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की और 16 लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज किया। पुलिस अब तक इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनके पास से आठ जर्जर हालत की तलवारें बरामद होने का दावा किया गया है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
इस बीच हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने दो अलग-अलग वीडियो जारी कर अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को गलत और एकतरफा बताया। रविवार सुबह जारी किए गए एक मिनट 42 सेकंड के वीडियो में पिंकी चौधरी ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं पर झूठी और गलत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह गुरु गोबिंद सिंह की फौज है, जो डरने या पीछे हटने वाली नहीं है। पिंकी चौधरी ने वीडियो में दावा किया कि उनके बच्चों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ गलत मुकदमे दर्ज किए गए हैं, लेकिन इससे संगठन कमजोर नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब वे लौटकर आएंगे तो शासन और प्रशासन को मुंहतोड़ जवाब देंगे।
पिंकी चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि तलवारें किसी को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं बांटी गईं, बल्कि उन्होंने इसे अपने परिवारों और समाज को मजबूत करने का प्रतीक बताया। उनका कहना था कि हिंदू रक्षा दल और उसके कार्यकर्ता इस कथित उत्पीड़न से डरने वाले नहीं हैं और संघर्ष जारी रहेगा।
सोमवार को इस विवाद ने एक नया मोड़ तब ले लिया जब पिंकी चौधरी की बेटी करुणा चौधरी ने प्रेस वार्ता कर शालीमार गार्डन थाना पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। करुणा चौधरी ने कहा कि पुलिस उन्हें और उनकी बहन को सुबह करीब दस बजे उनके घर से काम बताकर थाने ले गई और वहां लगभग दस घंटे तक जबरन अवैध हिरासत में रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि थाने में उनके साथ बेहद अभद्र और अपमानजनक व्यवहार किया गया और निजी टिप्पणियां तक की गईं।
करुणा चौधरी का कहना है कि पुलिस ने उनके मोबाइल फोन छीन लिए, उनकी निजी चैट पढ़ी गई और फोन की गैलरी से व्यक्तिगत फोटो और वीडियो भी निकाले गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके फोन के सभी एक्सेस ले लिए हैं, जिससे उनका फोन किसी अन्य डिवाइस पर चलाया जा सकता है। करुणा चौधरी ने इसे निजता का गंभीर उल्लंघन बताते हुए कहा कि पुलिस ने उनके पिता को बर्बाद करने की धमकी तक दी।
इस प्रेस वार्ता में हिंदू रक्षा दल से जुड़े महेश आहूजा, गौरव, मनीष हिंदू और संकेत कटारा भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा बेटियों के सम्मान की बात करती है, वहीं दूसरी ओर पुलिस द्वारा बेटियों का अपमान और उत्पीड़न किया जा रहा है। उनका कहना था कि पिंकी चौधरी की बेटियों को पूरे दिन थाने में बैठाकर रखना और इस तरह का व्यवहार करना बेहद निंदनीय है, जिसे हिंदू रक्षा दल किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगा।
संगठन के नेताओं ने ऐलान किया कि इस पूरे मामले के विरोध में हिंदू रक्षा दल शुक्रवार से सत्याग्रह आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन पुलिसकर्मियों ने पिंकी चौधरी की बेटियों को थाने ले जाकर उनका उत्पीड़न किया है, जब तक उनके निलंबन की कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह सत्याग्रह जारी रहेगा। उन्होंने तलवार वितरण को गलत ठहराने पर भी सवाल उठाए और कहा कि जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भी तलवारें भेंट की जाती हैं, तो फिर हिंदू रक्षा दल द्वारा तलवार बांटना कैसे गलत हो सकता है।





