Noida Electricity: ओटीएस योजना का पहला चरण समाप्त, 14 हजार बकायेदारों ने कराया पंजीकरण, 30 करोड़ से अधिक का राजस्व जमा

Noida Electricity: ओटीएस योजना का पहला चरण समाप्त, 14 हजार बकायेदारों ने कराया पंजीकरण, 30 करोड़ से अधिक का राजस्व जमा
नोएडा। विद्युत निगम की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के पहले चरण का समापन बुधवार को हो गया, जिसमें जिले के हजारों बकायेदार उपभोक्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पहले चरण में कुल 14 हजार उपभोक्ताओं ने योजना के तहत पंजीकरण कराया, जिससे विद्युत निगम को करीब 30 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। गुरुवार से ओटीएस योजना का दूसरा चरण औपचारिक रूप से लागू हो गया है, जो एक जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक चलेगा।
विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता (वाणिज्यिक) रितेश आनंद ने बताया कि ओटीएस योजना के पहले चरण के अंतिम दिन जिले में 24 से अधिक स्थानों पर विशेष शिविर लगाए गए थे। इन शिविरों के माध्यम से उपभोक्ताओं को बकाया राशि जमा करने और योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। अंतिम दिन भी बड़ी संख्या में उपभोक्ता शिविरों में पहुंचे और पंजीकरण कराया।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत पंजीकरण कराने वाले 14 हजार बकायेदारों ने न सिर्फ अपने पुराने बिजली बिलों का समाधान किया, बल्कि समय पर भुगतान कर राहत भी प्राप्त की। इससे विद्युत निगम की राजस्व स्थिति मजबूत हुई है। इसके अलावा बिजली चोरी से जुड़े मामलों में भी बड़ी सफलता मिली है। बिजली चोरी के प्रकरणों में संलिप्त 1100 उपभोक्ताओं ने ओटीएस योजना के तहत करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का राजस्व जमा किया है।
बुधवार को लगाए गए शिविरों का अधीक्षण अभियंता रितेश आनंद ने अपनी टीम के साथ निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि दूसरे चरण में भी उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक जागरूक किया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग योजना का लाभ उठा सकें। उन्होंने शिविरों में आए उपभोक्ताओं से बातचीत कर उन्हें पंजीकरण की प्रक्रिया समझाई और बकाया निपटाने के लिए प्रोत्साहित किया।
विद्युत निगम का कहना है कि ओटीएस योजना का दूसरा चरण भी उपभोक्ताओं के लिए एक बेहतर अवसर है। इस चरण में बकायेदार उपभोक्ता अपने पुराने बिलों पर छूट का लाभ लेकर कानूनी कार्रवाई से बच सकते हैं। निगम को उम्मीद है कि दूसरे चरण में भी बड़ी संख्या में उपभोक्ता सामने आएंगे और राजस्व में और वृद्धि होगी।





