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Hematology Care India: हेमेटोलॉजी केयर में क्रांतिकारी बदलाव: अब ह्यूमेनॉयड रोबोट करेगा इलाज, बच्चों को ब्लड कैंसर और इम्यून डिसॉर्डर से मिलेगा जीवनदान

Hematology Care India: हेमेटोलॉजी केयर में क्रांतिकारी बदलाव: अब ह्यूमेनॉयड रोबोट करेगा इलाज, बच्चों को ब्लड कैंसर और इम्यून डिसॉर्डर से मिलेगा जीवनदान

नई दिल्ली, 25 नवम्बर। भारत में तेजी से बढ़ते ब्लड कैंसर, इम्यून डिसॉर्डर, और दुर्लभ रक्त संक्रमणों के मामलों ने स्वास्थ्य क्षेत्र के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। इन रोगों की गंभीरता और जटिलता को देखते हुए अब तेजी से निदान और व्यक्तिगत उपचार (Personalized Treatment) अनिवार्य हो गया है। इसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफएमआरआई), गुरुग्राम ने बुधवार को आयोजित अपने राष्ट्रीय सम्मेलन हेमनेक्स्ट 1.0 में हेमेटोलॉजी केयर में अत्याधुनिक नवाचारों का प्रदर्शन किया, जिसमें भारत का पहला ह्यूमेनॉयड हेल्थकेयर रोबोट ‘हेमबोट’ शामिल है।

यह दो दिवसीय सम्मेलन देश में हेमेटोलॉजी और संक्रामक रोगों के उपचार में तकनीक-आधारित क्रांति की नई शुरुआत माना जा रहा है। सम्मेलन में 150 से अधिक अग्रणी डॉक्टरों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया, जबकि 1,700 से अधिक विशेषज्ञों ने वर्चुअल रूप से हिस्सा लिया। इनमें प्रमुख रूप से हेमेटोलॉजिस्ट, संक्रामक रोग विशेषज्ञ, बीएमटी चिकित्सक, सीएआर-टी थेरेपी इनोवेटर्स, और युवा चिकित्सक शामिल थे।

ह्यूमेनॉयड रोबोट “हेमबोट” – हेमेटोलॉजी का भविष्य

कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि रहा हेमबोट, जो भारत का पहला लाइफ-साइज ह्यूमेनॉयड हेल्थकेयर रोबोट है।
यह NVIDIA Jetson Orin प्रोसेसर से संचालित है और प्रति सेकंड 100 ट्रिलियन AI ऑपरेशन संभालने में सक्षम है, जिससे यह जटिल चिकित्सा परिस्थितियों का तुरंत विश्लेषण कर सटीक सहायता प्रदान कर सकता है। हेमबोट का उपयोग डॉक्टरों की टीम को वास्तविक समय में डायग्नोस्टिक और ट्रीटमेंट सपोर्ट देने के लिए किया जाएगा, जिससे जल्द पहचान और प्रभावी इलाज की संभावनाएं बढ़ेंगी।

पीडियाट्रिक हेमेटोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. विकास दुआ ने कहा कि ब्लड कैंसर और दुर्लभ रक्त यौगिकों से जूझ रहे बच्चों के लिए अत्याधुनिक और साक्ष्य-आधारित केयर बेहद जरूरी है। हेमनेक्स्ट 1.0 ने हमारे मिशन को और मजबूत किया है और अब हम पहले से अधिक उन्नत उपचार उपलब्ध करा पाएंगे।
वहीं, एफएमआरआई के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट यश रावत ने कहा कि गुरुग्राम स्थित फोर्टिस अब भारत का सबसे बड़ा प्रिसीजन-हेमेटोलॉजी हब बनता जा रहा है। पैथोलॉजी-आधारित वर्कफ्लो, AI-सक्षम डायग्नोस्टिक सिस्टम, नेक्स्ट जेनरेशन सेल थेरेपी (CAR-T) और रोबोटिक हेल्थकेयर के संयोजन से हम भविष्य की हेल्थ सर्विसेज को एक नई परिभाषा दे रहे हैं।

सम्मेलन में जीनोमिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और इनोवेटिव थेरैप्यूटिक मॉडल के माध्यम से हेमेटोलॉजी और संक्रमण उपचार को और अधिक प्रभावशाली बनाने की योजनाओं पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि नई तकनीकें न सिर्फ चिकित्सा प्रक्रियाओं को तेज करेंगी, बल्कि मरीजों की जीवित रहने की संभावना भी कई गुना बढ़ा देंगी।

भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालने की दिशा में यह कदम स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अभूतपूर्व परिवर्तन साबित होगा और विशेष रूप से बच्चों के लिए नई उम्मीदें जगाएगा।

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