Employment Growth India: नए श्रम कानूनों से बेरोजगारी में बड़ी गिरावट, 77 लाख नए रोजगार सृजित होने का अनुमान | 10 करोड़ लोग संगठित वेतन व्यवस्था में आएंगे शामिल

Employment Growth India: नए श्रम कानूनों से बेरोजगारी में बड़ी गिरावट, 77 लाख नए रोजगार सृजित होने का अनुमान | 10 करोड़ लोग संगठित वेतन व्यवस्था में आएंगे शामिल

नई दिल्ली, केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार नए श्रम कानून देश की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित हो सकते हैं। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार, इन श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन से भारत में बेरोजगारी दर 1.3% तक कम हो सकती है और लगभग 77 लाख नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। यह परिवर्तन श्रमिकों और उद्यमियों दोनों को एक अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित रोजगार संरचना उपलब्ध कराएगा।

रिपोर्ट का कहना है कि 21 नवंबर से लागू नई श्रम संहिताओं के बाद श्रम बल में नियमित रोजगार की हिस्सेदारी कम से कम 15% तक बढ़ सकती है, जिससे वर्तमान 60.4% का आंकड़ा बढ़कर 75.5% तक पहुंच जाएगा। साथ ही, देश में सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़कर 85% तक पहुंच सकता है, जो अब तक का सबसे बड़ा विस्तार होगा।

भारत में लगभग 44 करोड़ लोग असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं, जिनमें से 31 करोड़ ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हैं। यदि इन श्रमिकों में से केवल 20% लोग भी अनौपचारिक से संगठित वेतन ढांचे में स्थानांतरित हो जाते हैं, तो करीब 10 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम वेतन, बीमा, पेंशन और अन्य लाभों का सीधा फायदा होगा।
SBI की रिपोर्ट के अनुसार, नए कानूनों के लागू होने के बाद अगले 2–3 वर्षों में देश का सामाजिक सुरक्षा कवरेज 80–85% तक पहुंच जाएगा।

अर्थव्यवस्था को बड़े स्तर पर लाभ

रिपोर्ट में बताया गया है कि श्रमिकों की आय और बचत क्षमता बढ़ने से देश की खपत में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
आकलन के अनुसार, अगर 30% बचत दर के हिसाब से प्रत्येक व्यक्ति रोजाना 66 रुपये अधिक खर्च कर सकेगा, तो कुल मिलाकर लगभग 75,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त खपत होगी, जिससे आर्थिक विकास को और गति मिलेगी।

श्रम ढांचे में ऐतिहासिक सुधार

सरकार ने 29 पुराने श्रम कानूनों को सरल बनाते हुए उन्हें चार व्यापक संहिताओं में शामिल किया है:

  • वेतन संहिता 2019
  • सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020
  • व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यक्षेत्र संहिता 2020
  • औद्योगिक संबंध संहिता 2020

इन श्रम संहिताओं का उद्देश्य श्रमिकों को सुरक्षा और सम्मान देना, कंपनियों के लिए अनुपालन प्रक्रिया को सरल करना, औद्योगिक संबंधों में संतुलन स्थापित करना, और विकसित श्रम बाजार तैयार करना है।

SBI के अर्थशास्त्रियों का मानना है कि ये सुधार भारत को वैश्विक विनिर्माण और निवेश हब में बदलने में अहम भूमिका निभाएंगे और देश के श्रम ढांचे को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुकूल बनाएंगे।

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