World Environment Day: पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली बनाने का आह्वान, चिट्टा माफिया पर सख्त हुए मुख्यमंत्री सुक्खू
World Environment Day: पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली बनाने का आह्वान, चिट्टा माफिया पर सख्त हुए मुख्यमंत्री सुक्खू
सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ पानी, शुद्ध हवा, जंगल और नदियां मानव जीवन का आधार हैं और इन प्राकृतिक धरोहरों की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पूरे उत्तर भारत को स्वच्छ जल और शुद्ध वायु उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसी कारण इसे ‘लंग्स ऑफ नॉर्थ इंडिया’ कहा जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश हर वर्ष देश को लगभग 90 हजार करोड़ रुपये की पारिस्थितिकी सेवाएं प्रदान करता है, लेकिन इसके बदले केंद्र सरकार से कोई विशेष प्रतिफल नहीं मिलता।
उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, जल संरक्षण अपनाने और प्लास्टिक के उपयोग से बचने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ता वैश्विक तापमान, बदलता मौसम और प्राकृतिक आपदाएं स्पष्ट संकेत दे रही हैं कि पर्यावरण संरक्षण अब सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।
सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्ष 2023 और 2025 में हिमाचल प्रदेश ने भीषण प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया, जिससे हजारों परिवार प्रभावित हुए और भारी नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर संकट में प्रभावित लोगों के साथ मजबूती से खड़ी रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन प्रदेश की जीवन रेखा हैं और सरकार वर्ष 2030 तक वन आवरण को बढ़ाकर 32 प्रतिशत करने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना, राजीव गांधी वन संवर्धन योजना और ग्रीन एडॉप्शन योजना के माध्यम से जनभागीदारी के जरिए बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के अधिकारों और हितों की लड़ाई हर मंच पर मजबूती से लड़ रही है और नीति आयोग की आगामी बैठक में इन मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जल्द ही हिमाचल पथ परिवहन निगम के बेड़े में 297 नई ई-बसें शामिल की जाएंगी। इसके अलावा जंगलों में आग की घटनाओं को रोकने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए राज्य में दो बायोचार संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां चीड़ की सूखी पत्तियों और बायोमास से बायोचार तैयार किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नशे और चिट्टा माफिया के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने चिट्टा और अन्य मादक पदार्थों के खिलाफ व्यापक जन आंदोलन शुरू किया है, जिसमें युवाओं, महिलाओं और समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चिट्टा माफिया नहीं सुधरे तो उन्हें “मिट्टी में मिला दिया जाएगा”। मुख्यमंत्री ने बताया कि पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत अब तक 174 चिट्टा तस्करों को जेल भेजा जा चुका है और करीब 51 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा कारोबारियों की वित्तीय जांच भी जारी है। अब तक 76 संपत्तियों की पहचान की जा चुकी है और 17 मामलों में नशा माफिया की संपत्तियों को ध्वस्त किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने बताया कि नशे में संलिप्त पाए गए 123 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिनमें 21 पुलिस कर्मियों सहित कई कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए भी गंभीर प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनगणना अभियान में लोगों से सक्रिय भागीदारी की अपील की और उपस्थित लोगों को एंटी-चिट्टा अभियान तथा पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई।
कार्यक्रम में वर्ष 2025-26 के ‘पर्यावरण उत्कृष्टता पुरस्कार’ भी वितरित किए गए। विद्यालय श्रेणी में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भलेठ को प्रथम पुरस्कार मिला, जबकि पाइनग्रोव स्कूल और सेंट बीड्स कॉलेज सहित कई संस्थानों को सम्मानित किया गया। उद्योग श्रेणी में नेस्ले इंडिया लिमिटेड और इंडोरामा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को भी पुरस्कार प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने मिनी मैराथन विजेताओं को सम्मानित किया, नगर निगम हमीरपुर को ई-वाहनों की चाबियां सौंपीं और जनगणना प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में सुरेन्द्र चौहान, देवेन्द्र श्याम, केके पंत, अशोक तिवारी और अभिनेता रोहताश गौड़ सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

