Himachal Pradesh: वंचित बच्चों की शिक्षा के लिए टोंगलेन ट्रस्ट को मिलेगा सरकार का सहयोग, मुख्यमंत्री ने वित्तीय सहायता का किया ऐलान
शिमला में टोंगलेन ट्रस्ट धर्मशाला के एक प्रतिनिधिमंडल ने ट्रस्ट के निदेशक थेरचिन ग्याल्तसेन के नेतृत्व में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ट्रस्ट द्वारा संचालित विद्यालय के लिए भूमि पट्टे की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। यह विद्यालय वंचित, बेसहारा और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा प्रदान करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार ट्रस्ट को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ऐसे संस्थानों के साथ खड़ी है जो समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और भविष्य देने के लिए कार्य कर रहे हैं।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के लिए वित्तीय सहायता की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि 14 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों को प्रतिमाह 1,000 रुपये तथा 14 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थियों को 2,500 रुपये प्रति माह की सहायता प्रदान की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा और उनके समग्र विकास को प्रोत्साहित करना है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे सामाजिक और शैक्षिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा और मानवीय सेवा के क्षेत्र में इस प्रकार की पहल समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि वंचित बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराना एक संवेदनशील और सराहनीय कार्य है, जिसे सरकार भी प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित करने और जरूरतमंद बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है। ऐसे संगठनों का सहयोग इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अहम भूमिका निभाता है।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, हरीश जनारथा, ट्रस्टी दोरजे तथा पार्षद पलकित नेगी भी उपस्थित रहे।


