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Vande Mataram Camp: वंदे मातरम् शिविर संपन्न, 150 युवाओं ने राष्ट्रीय एकता और नेतृत्व का लिया संकल्प

Vande Mataram Camp: वंदे मातरम् शिविर संपन्न, 150 युवाओं ने राष्ट्रीय एकता और नेतृत्व का लिया संकल्प

नई दिल्ली, 1 जुलाई : युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत मेरा युवा भारत (माय भारत) द्वारा पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार इकाई के सहयोग से आयोजित सप्ताहभर का ‘वंदे मातरम् शिविर-2026’ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 24 से 30 जून तक ब्रेनवेयर यूनिवर्सिटी, बारासात (कोलकाता) में आयोजित इस शिविर का समापन 30 जून को हुआ। शिविर का उद्देश्य देशभर के युवाओं में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समरसता, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना था।

राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष शिविर में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मेघालय, तमिलनाडु, गुजरात और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के 150 युवा प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न राज्यों और विविध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आए युवाओं ने एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली को करीब से समझा तथा राष्ट्रीय एकता के संदेश को मजबूत किया।

सप्ताहभर चले इस शिविर के दौरान प्रतिभागियों के लिए संविधान, नेतृत्व विकास, सरकारी योजनाओं, नागरिक कर्तव्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विशेष सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों, जिम्मेदार नागरिक बनने और समाज के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया गया।

शिविर के दौरान युवाओं ने केवल बौद्धिक गतिविधियों में ही नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने स्वच्छता अभियान चलाया, पौधरोपण किया तथा ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान के तहत नशामुक्त समाज बनाने की शपथ ली। इसके अलावा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, समूह चर्चाओं, टीम बिल्डिंग गतिविधियों और नवाचार कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं ने अपनी प्रतिभा, नेतृत्व क्षमता और सामूहिक कार्यशैली का प्रदर्शन किया।

आयोजकों का मानना है कि इस प्रकार के शिविर युवाओं को केवल प्रशिक्षण ही नहीं देते, बल्कि उन्हें देश की विविधता में एकता की भावना को व्यवहारिक रूप से समझने और अपनाने का अवसर भी प्रदान करते हैं। विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों के बीच संवाद और सहयोग ने राष्ट्रीय एकीकरण की भावना को और अधिक मजबूत किया।

समापन समारोह में पश्चिम बंगाल सरकार के युवा सेवा एवं खेल विभाग के निदेशक पीयूष कांति दास सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने राज्यों में लौटकर समाज सेवा, राष्ट्र निर्माण और सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है और उनकी ऊर्जा, नवाचार तथा नेतृत्व क्षमता भारत के विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रहित में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि शिविर से प्राप्त अनुभव और सीख युवाओं को भविष्य में समाज और देश के विकास के लिए प्रेरित करती रहेगी।

 

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