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उत्तर प्रदेश, नोएडा: डीएनडी फ्लाईओवर पर टोल मुक्त यात्रा पर लगाई मुहर

उत्तर प्रदेश, नोएडा: डीएनडी फ्लाईओवर पर टोल मुक्त यात्रा पर लगाई मुहर
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली-नोएडा डायरेक्ट (डीएनडी) फ्लाईवे पर टोल लगाने के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2016 के ऐतिहासिक फैसले को बरकरार रखा

अमर सैनी

उत्तर प्रदेश, नोएडा। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली-नोएडा डायरेक्ट (डीएनडी) फ्लाईवे पर टोल लगाने के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2016 के ऐतिहासिक फैसले को बरकरार रखा। अदालत ने नोएडा टोल ब्रिज कंपनी लिमिटेड की अपील को खारिज करते हुए कहा कि फ्लाईवे पर टोल वसूली गैरकानूनी है और इसका बोझ यात्रियों पर नहीं डाला जा सकता।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने अपने निर्णय में कहा कि नोएडा अथॉरिटी ने नोएडा टोल ब्रिज कंपनी लिमिटेड को टोल वसूलने का अधिकार देकर अपने अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण किया। अदालत ने यह भी कहा कि रियायत समझौते की शर्तें अनुचित हैं। इसका उद्देश्य नोएडा टोल ब्रिज कंपनी लिमिटेड
को अनुचित लाभ पहुंचाना है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि परियोजना की लागत में बार-बार वृद्धि का कोई औचित्य नहीं था। इससे उपयोगकर्ताओं पर अनुचित बोझ पड़ा। जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले की पुष्टि
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला इलाहाबाद हाई कोर्ट के 2016 के उस निर्णय को और मजबूत करता है, जिसमें डीएनडी फ्लाईवे पर टोल वसूली को अवैध ठहराया गया था। इस निर्णय के बाद डीएनडी फ्लाईवे से यात्रा करने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत मिली है, जो वर्षों से टोल के भारी शुल्क का सामना कर रहे थे।

 

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