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Shaheed Diwas: शहीद दिवस पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि, मनरेगा के मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं ने किया दो घंटे का उपवास

Shaheed Diwas: शहीद दिवस पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि, मनरेगा के मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं ने किया दो घंटे का उपवास

शहीद दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, मंत्री, विधायक और पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद रहे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद कांग्रेस नेताओं ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी मनरेगा का नाम बदले जाने और योजना को कमजोर किए जाने के विरोध में दो घंटे का सांकेतिक उपवास रखा। यह उपवास प्रातः 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित किया गया।

मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने केंद्र की भाजपा सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने न केवल इस योजना का नाम बदला है, बल्कि इसके मूल उद्देश्य और स्वरूप के साथ भी छेड़छाड़ की है। मनरेगा पहले ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार का मजबूत सहारा था, लेकिन अब काम के दिनों में कटौती कर इसे धीरे-धीरे निष्प्रभावी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पंचायत प्रधानों को मनरेगा के तहत सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्य करवाने की पूरी शक्तियां थीं, जिससे ग्रामीणों को अपने घर के पास ही रोजगार मिलता था। कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में मनरेगा ने लाखों परिवारों को आजीविका उपलब्ध कराई और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संभालने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने आरोप लगाया कि अब पंचायत प्रतिनिधियों से ये अधिकार छीने जा रहे हैं, जिससे योजना की प्रभावशीलता प्रभावित हो रही है।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने यह भी कहा कि पिछले 20 वर्षों से मनरेगा अधिनियम में रोजगार की कानूनी गारंटी का प्रावधान था और यदि काम उपलब्ध न हो तो बेरोजगारी भत्ता देने की व्यवस्था भी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस योजना को सुनियोजित तरीके से कमजोर कर रही है, जिसके विरोध में कांग्रेस ने यह उपवास आयोजित किया। उन्होंने कहा कि पहले केंद्र सरकार मनरेगा के तहत शत प्रतिशत व्यय वहन करती थी, लेकिन अब इसे 90:10 के वित्तीय अनुपात में बदल दिया गया है, जिससे हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और राज्य के हितों को नुकसान होगा।

सेब पर आयात शुल्क कम करने से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यूजीलैंड से आयातित सेब पर शुल्क घटाने का मुद्दा उन्होंने हाल ही में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ हुई बैठक में उठाया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयात शुल्क में किसी भी प्रकार की कमी से हिमाचल प्रदेश के सेब उत्पादकों को गंभीर नुकसान पहुंचेगा। इस विषय पर केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार से अधिकारियों और बागवानों की एक संयुक्त टीम भेजने को कहा है, ताकि सभी पहलुओं की गहन जांच के बाद निर्णय लिया जा सके।

इस अवसर पर कांग्रेस हिमाचल प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनी राम शांडिल, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, सह-प्रभारी विदित चौधरी और चेतन चौहान, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सहित कई विधायक, महापौर, उपमहापौर, बोर्ड और निगमों के पदाधिकारी तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता उपस्थित रहे।

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