Urea Production: गैस आपूर्ति बढ़ने से यूरिया उत्पादन में 23% उछाल, खरीफ से पहले सरकार की बड़ी तैयारी

Urea Production: गैस आपूर्ति बढ़ने से यूरिया उत्पादन में 23% उछाल, खरीफ से पहले सरकार की बड़ी तैयारी
नई दिल्ली, 20 मार्च: आगामी खरीफ सीजन 2026 से पहले केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अतिरिक्त प्राकृतिक गैस आपूर्ति के चलते देश में यूरिया उत्पादन में करीब 23 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के मुताबिक, ईपीएमसी के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजार से स्पॉट खरीद कर 7.31 एमएमएससीएमडी अतिरिक्त गैस की व्यवस्था की गई है। इसके चलते उर्वरक संयंत्रों को गैस आपूर्ति 32 एमएमएससीएमडी से बढ़कर 39.31 एमएमएससीएमडी तक पहुंच गई है।
गैस आपूर्ति बढ़ने का सीधा असर उत्पादन पर पड़ा है। पहले जहां यूरिया उत्पादन 54,500 मीट्रिक टन प्रतिदिन था, वह अब बढ़कर 67,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन हो गया है। यह वृद्धि किसानों के लिए खासतौर पर खरीफ सीजन में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी।
उर्वरकों के भंडार में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। 19 मार्च 2026 तक कुल स्टॉक 180.04 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष के 138.79 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले लगभग 30 फीसदी अधिक है। खास बात यह है कि डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) के भंडार में दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे फसलों के लिए जरूरी पोषक तत्वों की उपलब्धता और बेहतर होगी।
सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितताओं को देखते हुए उर्वरक आयात में विविधता लाने पर भी जोर दिया है। वैश्विक टेंडर और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, ताकि अंतरराष्ट्रीय हालात का सीधा असर भारतीय किसानों पर न पड़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्पादन और भंडारण में यह बढ़ोतरी आने वाले सीजन में खाद की कमी जैसी समस्याओं को काफी हद तक कम कर सकती है और कृषि उत्पादन को स्थिर बनाए रखने में मदद करेगी।





