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Upendra Dwivedi: ‘विकसित भारत 2047’ के लिए स्मार्ट पावर जरूरी : सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी

Upendra Dwivedi: ‘विकसित भारत 2047’ के लिए स्मार्ट पावर जरूरी : सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी

नई दिल्ली, 19 मई : Upendra Dwivedi ने कहा है कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए “स्मार्ट पावर” की अवधारणा बेहद महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि आज के वैश्विक परिदृश्य में राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक मजबूती, तकनीक और कूटनीति को एक-दूसरे से अलग करके नहीं देखा जा सकता। सेना प्रमुख मंगलवार को दिल्ली स्थित Manekshaw Centre में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।

‘सुरक्षा से समृद्धि की ओर: सतत राष्ट्रीय विकास के लिए स्मार्ट शक्ति’ विषय पर आयोजित इस संगोष्ठी का आयोजन Centre for Land Warfare Studies द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सेना, कूटनीति, अर्थव्यवस्था और तकनीकी क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने भाग लेकर राष्ट्रीय विकास और रणनीतिक स्वायत्तता पर मंथन किया।

अपने संबोधन में जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि भारत तेजी से बदलते वैश्विक माहौल में आगे बढ़ रहा है, जहां पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों के साथ नई तकनीकी और आर्थिक चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। उन्होंने ‘विकसित भारत 2047’ और भारतीय सेना के ‘परिवर्तन का दशक’ का जिक्र करते हुए डिजिटल नेटवर्किंग, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली और मजबूत भौतिक कनेक्टिविटी को भविष्य की तैयारी के अहम स्तंभ बताया।

सेना प्रमुख ने मई 2025 में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी उल्लेख किया और इसे “स्मार्ट पावर” का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उनके अनुसार इस अभियान में सैन्य कार्रवाई, सूचना प्रबंधन, कूटनीतिक संकेत और आर्थिक रणनीति का प्रभावी समन्वय देखने को मिला। उन्होंने कहा कि स्पष्ट उद्देश्यों की प्राप्ति के बाद अभियान का नियंत्रित समापन राष्ट्रीय शक्ति के संतुलित और जिम्मेदार उपयोग को दर्शाता है।

कार्यक्रम के दौरान सेना प्रमुख ने तकनीकी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और ‘मराठा सैन्य व्यवस्था (शिवाजी टू द थर्ड बैटल ऑफ पानीपत)’ नामक पुस्तक का विमोचन भी किया। संगोष्ठी में नीति-निर्माताओं, राजनयिकों, सैन्य अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और रणनीतिक विशेषज्ञों ने भाग लिया।

विशेषज्ञों ने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता, रक्षा आधुनिकीकरण, तकनीकी आत्मनिर्भरता और दीर्घकालिक राष्ट्रीय विकास को लेकर अपने विचार साझा किए। संगोष्ठी में इस बात पर जोर दिया गया कि आने वाले वर्षों में भारत को सुरक्षा और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ना होगा।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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