Telemedicine Breakthrough: दिल्ली में बैठकर दूरस्थ क्षेत्रों में अल्ट्रासाउंड करना हुआ संभव

Telemedicine Breakthrough: दिल्ली में बैठकर दूरस्थ क्षेत्रों में अल्ट्रासाउंड करना हुआ संभव
नई दिल्ली, 16 फरवरी। देश की स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि सामने आई है। केंद्रीय मंत्री Jitendra Singh ने सोमवार को All India Institute of Medical Sciences में भारत की नई टेलीरोबोटिक अल्ट्रासाउंड प्रणाली का सफल प्रदर्शन किया। इस उन्नत तकनीक के माध्यम से अब दिल्ली में बैठा विशेषज्ञ डॉक्टर सैकड़ों या हजारों किलोमीटर दूर मौजूद मरीज का अल्ट्रासाउंड परीक्षण रिमोट कंट्रोल के जरिए कर सकेगा और रियल-टाइम इमेज भी प्राप्त कर सकेगा।
इस प्रणाली को Indian Institute of Technology Delhi और Rajiv Gandhi Super Speciality Hospital ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से संयुक्त रूप से विकसित किया है। यह तकनीक विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो सकती है जहां विशेषज्ञ रेडियोलॉजिस्ट और आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। सीमावर्ती इलाकों, पहाड़ी क्षेत्रों और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को अक्सर केवल प्राथमिक जांच के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। कई बार मरीज को यह तय करने के लिए भी सैकड़ों किलोमीटर का सफर करना पड़ता है कि उसे आगे रेफर किया जाए या नहीं।
नई टेलीरोबोटिक प्रणाली इस चुनौती का प्रभावी समाधान प्रस्तुत करती है। अब विशेषज्ञ डॉक्टर दिल्ली से ही रोबोटिक डिवाइस संचालित कर पित्ताशय की पथरी, किडनी स्टोन, लिवर से जुड़ी समस्याएं या आंत संबंधी बीमारियों की जांच कर सकेंगे। यह पूरी प्रक्रिया सुरक्षित डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से संचालित होती है, जिससे डॉक्टर को उच्च गुणवत्ता वाली लाइव इमेज प्राप्त होती है और वह तत्काल रिपोर्ट तैयार कर सकता है। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि मरीजों के इलाज में भी तेजी आएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक सशस्त्र बलों के जवानों के लिए भी अत्यंत उपयोगी साबित हो सकती है, खासकर उन सैनिकों के लिए जो सीमावर्ती चौकियों पर तैनात हैं। इसके अलावा अंटार्कटिका स्थित भारतीय अनुसंधान केंद्रों पर कार्यरत वैज्ञानिकों और कर्मियों को भी इससे लाभ मिलेगा, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सीमित होती है। आपात स्थिति में त्वरित और सटीक जांच संभव होने से गंभीर बीमारियों का समय रहते उपचार किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल क्रांति के इस दौर में टेलीरोबोटिक अल्ट्रासाउंड प्रणाली भारत को अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों की दिशा में अग्रणी बना सकती है। सरकार की मंशा है कि इस तकनीक का विस्तार देश के अधिक से अधिक जिलों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक किया जाए, ताकि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं हर नागरिक तक पहुंच सकें। यह पहल ‘सबका स्वास्थ्य, सबका विकास’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





