AI in healthcare India: एआई से घटेगा डॉक्टरों का बोझ, मरीजों को मिलेगा बेहतर उपचार

AI in healthcare India: एआई से घटेगा डॉक्टरों का बोझ, मरीजों को मिलेगा बेहतर उपचार

नई दिल्ली, 16 फरवरी। देश की स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में स्वास्थ्य मंत्रालय ने India AI Impact Summit 2026 के तहत भारत मंडपम में ‘पब्लिक हेल्थ इम्पैक्ट के लिए एआई का विस्तार: पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप’ विषय पर उच्चस्तरीय पैनल चर्चा का आयोजन किया। 16 से 20 फरवरी तक चल रहे इस सम्मेलन को ग्लोबल साउथ में आयोजित पहला वैश्विक एआई सम्मेलन माना जा रहा है। इस मंच पर नीति निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लेकर डिजिटल स्वास्थ्य के भविष्य पर विस्तार से चर्चा की।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव Punya Salila Srivastava ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था एक राष्ट्रीय स्तर पर इंटरऑपरेबल डिजिटल इकोसिस्टम के रूप में विकसित हुई है। Ayushman Bharat Digital Mission के अंतर्गत 859 मिलियन से अधिक आभा खाते बनाए जा चुके हैं, जो 878 मिलियन से अधिक डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड से जुड़े हैं। इससे मरीजों के उपचार इतिहास तक त्वरित और सुरक्षित पहुंच संभव हो सकी है।

उन्होंने बताया कि देशभर में 1.80 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हो रहे हैं, जो प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत कर रहे हैं। वहीं eSanjeevani के माध्यम से 449 मिलियन से अधिक टेली-परामर्श दिए जा चुके हैं, जिससे यह प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म बन गया है। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श आसानी से उपलब्ध हो रहा है।

पैनल चर्चा में यह भी रेखांकित किया गया कि एआई आधारित समाधान डॉक्टरों के कार्यभार को कम करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ‘मधु नेत्र एआई’ जैसे उपकरण नेत्र रोगों की शीघ्र पहचान में मदद कर रहे हैं, जबकि ‘सीए-टीबी’ जैसी प्रणालियां तपेदिक की पहचान और निगरानी को सटीक बना रही हैं। एआई आधारित क्लीनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (सीडीएसएस), ‘बोध’ प्लेटफॉर्म और वॉयस-टू-टेक्स्ट प्रिस्क्रिप्शन जैसे नवाचारों से चिकित्सकीय प्रक्रिया अधिक तेज, सटीक और पारदर्शी हो रही है।

स्वास्थ्य मंत्रालय का मानना है कि एआई के व्यापक उपयोग से स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनेंगी। डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को मजबूत करने के साथ-साथ यह तकनीक मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और डॉक्टरों पर बढ़ते दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img