Swami Dayanand Marg Traffic: स्वामी दयानंद मार्ग पर जाम से बड़ी राहत, 900 मीटर का सफर अब महज दो मिनट में
रिपोर्ट: रवि डालमिया
नई दिल्ली। शाहदरा जिले के प्रमुख स्वामी दयानंद मार्ग यानी रोड नंबर-57 पर यातायात व्यवस्था में किए गए बदलावों का असर दिखाई देने लगा है। दिल्ली यातायात पुलिस की पूर्वी रेंज ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के साथ मिलकर इस मार्ग को चरणबद्ध तरीके से सिग्नल फ्री बनाने की दिशा में काम शुरू किया है। यातायात पुलिस के मुताबिक जिन स्थानों पर नई व्यवस्था लागू की गई है, वहां वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में सुचारू हुई है। व्यस्त समय में बिहारी कॉलोनी से ईस्ट आजाद नगर तक करीब 900 मीटर की दूरी तय करने में जहां पहले 15 से 20 मिनट तक लगते थे, वहीं सामान्य यातायात की स्थिति में अब यही दूरी करीब दो मिनट में पूरी हो रही है।
स्वामी दयानंद मार्ग शाहदरा जिले की महत्वपूर्ण सड़कों में शामिल है। इस मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। सड़क पर जगह-जगह बने कट, वाहनों के अनियंत्रित तरीके से मुड़ने और व्यस्त समय में बढ़ने वाले यातायात दबाव के कारण कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनती थी।
यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की पूर्वी रेंज और PWD ने संयुक्त रूप से रोड नंबर-57 पर यातायात इंजीनियरिंग से जुड़े कई बदलाव किए हैं। इसका उद्देश्य वाहनों के अनावश्यक ठहराव को कम करने के साथ यातायात प्रवाह को व्यवस्थित करना है।
योजना के तहत बिहारी कॉलोनी, ईस्ट आजाद नगर और सूर्या अस्पताल के पास निर्धारित यू-टर्न की सुविधा शुरू की गई है। वाहन चालकों को अब सड़क पर कहीं से भी मुड़ने के बजाय निर्धारित स्थानों से यू-टर्न लेने की व्यवस्था दी गई है।
इसके साथ सड़क पर बने अनावश्यक कटों को भी बंद किया गया है। ऐसे स्थानों पर जर्सी बैरियर लगाए गए हैं, जिससे वाहन निर्धारित स्थानों के अलावा बीच सड़क से दूसरी तरफ न जा सकें।
यातायात पुलिस का मानना है कि सड़क पर अनियोजित कट यातायात की रफ्तार को प्रभावित करने के प्रमुख कारणों में शामिल थे। किसी वाहन के अचानक मुड़ने या सड़क पार करने की वजह से पीछे चल रहे वाहनों को ब्रेक लगाना पड़ता था और इससे कुछ ही समय में लंबी कतार बन जाती थी।
गांधीनगर ट्रैफिक इंस्पेक्टर चैतन्य अभिजीत के मुताबिक नई यातायात व्यवस्था लागू होने से यात्रा समय में बड़ा सुधार देखने को मिला है।
उन्होंने बताया कि पहले व्यस्त समय में बिहारी कॉलोनी से ईस्ट आजाद नगर तक लगभग 900 मीटर की दूरी तय करने में वाहन चालकों को करीब 15 से 20 मिनट तक लग जाते थे।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद सामान्य यातायात की स्थिति में यही दूरी करीब दो मिनट में पूरी हो रही है। इससे इस हिस्से से रोजाना गुजरने वाले वाहन चालकों को जाम से राहत मिली है।
रोड नंबर-57 पर केवल यू-टर्न बनाकर ही व्यवस्था में बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि सड़क पर कई छोटे लेकिन प्रभावी यातायात इंजीनियरिंग सुधार भी किए गए हैं।
निर्धारित यू-टर्न वाले स्थानों पर वाहन चालकों की सुविधा के लिए दिशा-सूचक और यू-टर्न संकेतक लगाए गए हैं। इससे वाहन चालकों को पहले से जानकारी मिल सके कि उन्हें कहां से मुड़ना है।
सड़क के दोनों ओर कुछ स्थानों पर ऊंचाई में अंतर होने के कारण वाहनों की गति प्रभावित होती थी। इस समस्या को दूर करने के लिए रैंप और टेबल-टॉप तैयार किए गए हैं।
इसके अलावा सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील स्थानों पर फुटपाथ को ऊंचा किया गया है और बोलार्ड लगाए गए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही को रोकने के साथ पैदल यात्रियों के लिए भी व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

यू-टर्न और सड़क के आसपास मौजूद अतिक्रमण को भी हटाया गया है। यातायात के लिए निर्धारित हिस्से में अतिक्रमण होने से सड़क की प्रभावी चौड़ाई कम हो जाती है, जिससे वाहनों की कतार और जाम की समस्या बढ़ सकती है।
अतिक्रमण हटने के बाद वाहनों को आवाजाही के लिए अधिक जगह मिलने लगी है। इससे विशेष रूप से यू-टर्न वाले स्थानों पर वाहनों के मुड़ने में होने वाली परेशानी कम हुई है।
नई व्यवस्था के बाद वाहनों की लंबी कतारों में कमी आने की बात भी सामने आई है। वाहनों का फैलाव बेहतर होने से रोड नंबर-57 पर यातायात पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ रहा है।
यातायात पुलिस और संबंधित विभागों की योजना इस व्यवस्था को आगे भी विस्तार देने की है। अधिकारियों के मुताबिक अभी रोड नंबर-57 के कुछ हिस्सों में PWD और दिल्ली जल बोर्ड (DJB) से संबंधित कार्य चल रहे हैं।
इन कार्यों के पूरा होने के बाद कृष्णा नगर और जगतपुरी रेड लाइट पर भी यातायात व्यवस्था में बदलाव करने की योजना है।
कृष्णा नगर और जगतपुरी रेड लाइट पर निर्धारित यू-टर्न समेत अन्य ट्रैफिक इंजीनियरिंग सुधार किए जाएंगे। इन बदलावों के जरिए सिग्नल पर वाहनों के रुकने के समय और लंबी कतारों को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
योजना का उद्देश्य स्वामी दयानंद मार्ग को चरणबद्ध तरीके से सिग्नल फ्री बनाना है। इसके लिए सड़क के अलग-अलग हिस्सों का यातायात पैटर्न देखते हुए बदलाव किए जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार किसी भी सड़क को सिग्नल फ्री बनाने के दौरान केवल ट्रैफिक लाइट हटाना पर्याप्त नहीं होता। वाहनों के यू-टर्न, सड़क पार करने की व्यवस्था, अतिक्रमण, फुटपाथ और अलग-अलग दिशाओं से आने वाले यातायात को ध्यान में रखते हुए इंजीनियरिंग बदलाव करने पड़ते हैं।
इसी को देखते हुए रोड नंबर-57 पर निर्धारित यू-टर्न, जर्सी बैरियर, दिशा-सूचक, रैंप, टेबल-टॉप और बोलार्ड जैसी व्यवस्थाओं को एक साथ लागू किया गया है।
यातायात पुलिस का उद्देश्य वाहन चालकों का यात्रा समय कम करने के साथ सड़क सुरक्षा को भी बेहतर बनाना है। इसके लिए अनावश्यक कट बंद करने और वाहनों को निर्धारित स्थानों से यू-टर्न देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
स्वामी दयानंद मार्ग पर लागू किए गए बदलावों का सबसे बड़ा असर बिहारी कॉलोनी से ईस्ट आजाद नगर वाले हिस्से में देखने को मिल रहा है। यातायात पुलिस के अनुसार सामान्य ट्रैफिक की स्थिति में करीब 900 मीटर का यह सफर अब लगभग दो मिनट में पूरा किया जा रहा है।
PWD और DJB के मौजूदा कार्य पूरे होने के बाद कृष्णा नगर और जगतपुरी में प्रस्तावित सुधार लागू होने पर रोड नंबर-57 के अन्य हिस्सों में भी यातायात प्रवाह बेहतर होने की उम्मीद है। दिल्ली यातायात पुलिस की पूर्वी रेंज अब इस मार्ग पर नई व्यवस्था के प्रभाव की निगरानी करते हुए आगे के ट्रैफिक इंजीनियरिंग सुधारों पर काम करेगी।


