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Stray Dogs Shelter: ग्रेटर नोएडा में लावारिस कुत्तों के लिए बनेंगे दो नए शेल्टर होम, 500 से ज्यादा कुत्तों की होगी क्षमता

Stray Dogs Shelter: ग्रेटर नोएडा में लावारिस कुत्तों के लिए बनेंगे दो नए शेल्टर होम, 500 से ज्यादा कुत्तों की होगी क्षमता

 

ग्रेटर नोएडा में लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या और कुत्तों के हमलों की घटनाओं को देखते हुए प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। शहर में लावारिस, बीमार और खतरनाक कुत्तों को रखने के लिए दो नए शेल्टर होम बनाए जाएंगे। इसके लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी कर एजेंसियों से आवेदन मांगे हैं।

योजना के तहत पौवारी गांव और जलपुरा गोशाला के पास खाली पड़ी जमीन पर शेल्टर होम विकसित किए जाएंगे। चयनित एजेंसी को इन शेल्टर होम के निर्माण के साथ-साथ अगले सात साल तक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी दी जाएगी। प्राधिकरण ने दोनों स्थानों के लिए जमीन चिन्हित कर ली है।

अधिकारियों के अनुसार जलपुरा में जिले के पहले शेल्टर होम का निर्माण पहले से चल रहा है, जो इसी महीने पूरा होने की संभावना है। नए शेल्टर होम बनने के बाद ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट क्षेत्र में घूमने वाले लावारिस कुत्तों को सुरक्षित स्थान मिल सकेगा।

प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि दोनों शेल्टर होम की क्षमता 500 से अधिक कुत्तों को रखने की होगी। यहां खासतौर पर बीमार, आक्रामक और लोगों के लिए खतरा बने लावारिस कुत्तों को रखा जाएगा। इससे सड़कों और रिहायशी इलाकों में कुत्तों के हमलों की घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी।

ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में पिछले कुछ समय से लावारिस कुत्तों के हमलों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। लोगों की परेशानी को देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया है और खतरनाक व बीमार कुत्तों को शेल्टर होम में रखने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद प्राधिकरण ने इस दिशा में तेजी से काम शुरू किया है।

अधिकारियों के मुताबिक लावारिस कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण अभियान को भी तेज किया जाएगा। इसके लिए नसबंदी केंद्रों की संख्या बढ़ाने की योजना है। फिलहाल सेक्टर स्वर्णनगरी में एक निजी संस्था के सहयोग से नसबंदी और टीकाकरण केंद्र संचालित किया जा रहा है।

नसबंदी कार्य को बढ़ाने के लिए प्राधिकरण ने एनजीओ की तलाश भी शुरू कर दी है। इसके लिए जारी निविदा में इच्छुक एनजीओ से 2 जुलाई तक आवेदन मांगे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार तय समय पर एजेंसी का चयन कर काम शुरू कराया जाएगा।

अक्टूबर 2024 से अब तक ग्रेटर नोएडा में 6000 से अधिक लावारिस कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण किया जा चुका है। नसबंदी किए गए कुत्तों की पहचान के लिए उनके कान पर निशान लगाया जाता है और चिप लगाई जाती है, जिसमें कुत्ते से जुड़ी पूरी जानकारी दर्ज रहती है।

ग्रेटर नोएडा में कुत्तों के हमलों की कई घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। अप्रैल 2026 में दनकौर क्षेत्र में एक लावारिस कुत्ते ने रक्षा मंत्रालय के पूर्व अधिकारी को 13 जगह काट लिया था। वहीं मार्च में ओमिक्रॉन-3 स्थित लोटस वेलफेयर सोसाइटी में 13 वर्षीय बच्चे को कुत्ते ने घायल किया था।

इसके अलावा जनवरी में ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अजनारा होम्स सोसाइटी में चार वर्षीय बच्चे पर लावारिस कुत्तों के झुंड ने हमला किया था। फरवरी 2025 में गौड़ सिटी-2 में 60 वर्षीय महिला को कुत्तों ने काट लिया था, जबकि दिसंबर 2025 में श्री राधा स्काई गार्डन सोसाइटी में महिला और उनकी दो बेटियों पर कुत्तों ने हमला कर घायल कर दिया था।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद लावारिस कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। जलपुरा और पौवारी गोशाला के पास शेल्टर होम बनाने के लिए निविदा जारी की गई है। अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

 

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