Friday, 6 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Hapur News : हापुड़ में किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा, 5 हजार का जुर्माना भी लगाHapur News : हापुड़ के उद्योगपति संजय गुप्ता का होगा राष्ट्रीय सम्मान, दिल्ली में मिलेगा ग्लोबल आइकॉन अवार्डLucknow : जिस निष्पक्षता से मिली नौकरी, उसी ईमानदारी से पीड़ित को न्याय दिलाएं वैज्ञानिक अधिकारी- सीएम योगीLucknow : पुलिस महारथी और फॉरेंसिक विभाग सारथी बनकर हर व्यक्ति को दिलाएं न्याय- मुख्यमंत्री योगीAyodhya : ‘पुष्पक विमान’ और ‘राम दरबार’ के साथ ही मोहित करेगी रामायण थीमLucknow : बुजुर्गों के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा का सहारा बनी योगी सरकार, 67.50 लाख लोगों को हर महीने मिल रही पेंशनAyodhya : 15 फीट ऊँचे रामरथ पर विराजेंगे जगत के पालनहारीAyodhya : रामनगरी के दसवें दीपोत्सव में दिखेगा वैश्विक रामकथा का रंग

Rashtravadi Chikitsak Sangh: शक्ति का शस्त्र करेगा मातृशक्ति को सशक्त — डॉ ममता त्यागी

Rashtravadi Chikitsak Sangh: शक्ति का शस्त्र करेगा मातृशक्ति को सशक्त — डॉ ममता त्यागी

रिपोर्ट: रवि डालमिया

राष्ट्रवादी चिकित्सक संघ के तत्वाधान में श्री अमरनाथ बर्फानी आश्रम, दिलशाद गार्डन में त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम का सफल आयोजन संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर 100 से अधिक महिला चिकित्सकों को त्रिशूल धारण कराया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में राजमाता अंबिका जी (खीर भवानी मंदिर, श्रीनगर), साध्वी महामंडलेश्वर आचार्य कृष्णा जी, डॉ. अदिति शर्मा (सनातन धर्म रक्षक), बहन नाजिया खान (सनातन मुस्लिम महिला) और भूदेव शर्मा जी (आध्यात्मिक गुरु) सहित अनेक गणमान्य अतिथिगण उपस्थित रहे।

महिला चिकित्सकों द्वारा प्रस्तुत महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र गायन ने कार्यक्रम को भक्तिमय बना दिया। बहन नाजिया खान ने अपने उद्बोधन में कहा कि उन्हें गर्व है कि वे सनातनी मुस्लिम महिला हैं। उनका मानना है कि भारत की धरती पर जन्म लेने वाला हर व्यक्ति सनातनी है, क्योंकि उनके पूर्वज राम और कृष्ण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सनातन ही एकमात्र ऐसा धर्म है जिसमें स्त्री को शक्ति का रूप मानकर पूजा जाता है और ईश्वर का दर्जा दिया जाता है।

राष्ट्रवादी चिकित्सक संघ की अध्यक्ष डॉ. ममता त्यागी ने जानकारी दी कि अब तक वे हजार से अधिक महिलाओं को त्रिशूल धारण करा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पहली बार महिषासुरमर्दिनी स्तोत्र गायन का आयोजन किया गया है, जो अत्यंत प्रभावशाली और ऐतिहासिक रहा। डॉ. त्यागी ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सकों को सनातन संस्कृति से जोड़ना तथा इस संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है। इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने सनातन संस्कृति के उत्थान और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को दोहराया।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Tirthankar Sarkar

संबंधित खबरें