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नई दिल्ली: 11 साल बाद सीजीएचएस दरों में संशोधन

नई दिल्ली: -3 अक्टूबर को घोषित संशोधित दरें 13 अक्टूबर से देशभर में होंगी लागू

नई दिल्ली, 3 अक्तूबर : केंद्र सरकार ने केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) के तहत सूचीबद्ध निजी व सरकारी अस्पताल के लगभग 2000 चिकित्सा प्रक्रियाओं के पैकेज दरों में संशोधन किया है। संशोधित दरें आगामी 13 अक्टूबर से देशभर में लागू हो जाएंगी। जिनमें अस्पताल के सेमी प्राइवेट कमरे से लेकर सामान्य वार्ड और गैर-एनएबीएच अस्पताल से लेकर सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती होने की दरें शामिल हैं।

इस संबंध में एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स ऑफ इंडिया ( एएचपीआई ) के महानिदेशक डॉ. गिरधर ज्ञानी और अध्यक्ष डॉ. एम.आई. सहदुल्ला ने कहा, पहले पैकेज दरें 2014 में तय की गई थीं, जिनमें 2024 में केवल मामूली बदलाव किया गया था। एक दशक से भी ज्यादा समय से, अस्पतालों और मरीजों को वास्तविक उपचार लागत और निर्धारित पैकेज दरों के बीच बेमेल दरों का सामना करना पड़ रहा था। इस संशोधन से स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और सीजीएचएस लाभार्थियों, दोनों को लाभ होगा। नई दरें अस्पतालों की स्थिरता में सुधार लाएंगी और सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों व उनके परिवारों के लिए बेहतर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करेंगी।

वहीं एएचपीआई उत्तरी क्षेत्र (पंजाब और चंडीगढ़) के अध्यक्ष डॉ. यश शर्मा, उपाध्यक्ष डॉ. मुकेश जोशी और सचिव डॉ. अमनदीप ने कहा, एक दशक से भी अधिक समय के बाद पैकेज दरों में यह संशोधन एक ऐतिहासिक कदम है। इससे जहां अस्पताल बिना किसी वित्तीय दबाव के गुणवत्तापूर्ण देखभाल प्रदान करते रह सकेंगे। वहीं सीजीएचएस योजना के तहत मरीजों को अद्यतन और यथार्थवादी दरों का लाभ मिल सकेगा। पैकेज दरों को वर्तमान लागतों के साथ संरेखित करने से देशभर में समान और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में अस्पतालों, मरीजों और सरकार के बीच साझेदारी भी मजबूत होगी।

लेकिन पेमेंट की व्यवस्था करें दुरुस्त
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजन शर्मा ने कहा, सीजीएचएस दरों में संशोधन करना तो सही है। मगर आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों को मरीजों के इलाज व सर्जरी का पैसा छह से आठ महीने की देरी से मिल रहा है। सरकार को अस्पतालों की पेमेंट की व्यवस्था को भी दुरुस्त करना चाहिए।

संशोधित नीति की मुख्य विशेषताएं:
* सीजीएचएस कार्ड धारकों (लाल, हरा, नीला वर्ग) के लिए लागू।
* सेमी-प्राइवेट कमरा (एक कमरे में 2-4 मरीज) पैकेज दरों का आधार है।
* सामान्य वार्ड: एक कमरे में अधिकतम 10 मरीज।
* टियर-आधारित शहर दरें: • टियर 1 – आधार दर।
* टियर 2 – 19% कम। (चंडीगढ़, जालंधर, लुधियाना टियर 2 में आते हैं।)
* टियर 3 – 20% कम।
* गैर-एनएबीएच अस्पताल – एनएबीएच अस्पतालों से 15% कम।
* सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल (200+ बिस्तर) – एनएबीएच अस्पतालों से 15% ज़्यादा।

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