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Road safety meeting Noida: खतरनाक स्थानों पर हादसे रोकने के उपाय करें : सांसद डॉ. महेश शर्मा

Road safety meeting Noida: खतरनाक स्थानों पर हादसे रोकने के उपाय करें : सांसद डॉ. महेश शर्मा

नोएडा। जिलाधिकारी के कैंप कार्यालय पर मंगलवार को सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति और उनके कारणों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जनपद के 152 ऐसे स्थानों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिन्हें सड़क हादसों के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील और खतरनाक माना गया है। इन आंकड़ों पर गहरी चिंता जताते हुए सांसद डॉ. महेश शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ब्लैक स्पॉट को समाप्त करने के लिए ठोस और प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर उसे समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए।

बैठक में जिलाधिकारी मेधा रूपम ने वर्ष 2021 से 2025 के बीच चिन्हित किए गए ब्लैक स्पॉट की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 152 दुर्घटना संभावित स्थान सामने आए हैं। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि कई स्थानों पर सुधारात्मक कार्य किए गए हैं, लेकिन अभी भी अनेक ब्लैक स्पॉट पर व्यापक स्तर पर काम किए जाने की आवश्यकता है। सांसद डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें परिवहन, पुलिस, लोक निर्माण विभाग और प्राधिकरणों के बीच आपसी समन्वय बेहद जरूरी है।

सांसद ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ब्लैक स्पॉट को खत्म करने के लिए सड़क अभियान्त्रिकी उपायों को प्राथमिकता दी जाए। इनमें स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक बोर्ड, दिशा सूचक बोर्ड, ट्रैफिक सिग्नल और सीसीटीवी कैमरों की अनिवार्य स्थापना शामिल है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य सड़क सुरक्षा परिषद द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप जिले में सड़क सुरक्षा कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर इमरजेंसी लेन का निर्माण, गति सीमा की समय-समय पर समीक्षा और ट्रैफिक शांत करने वाले उपायों को सख्ती से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक के दौरान सांसद ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण से ब्लैक स्पॉट सुधार कार्यों की प्रगति रिपोर्ट तलब की। उन्होंने निर्देश दिए कि पूर्व में चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थानों पर अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाए और शेष कार्यों में तेजी लाई जाए। सांसद ने कहा कि प्राधिकरणों की स्पष्ट जवाबदेही तय की जाए, ताकि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से और तय समय सीमा के भीतर पूरे हो सकें।

सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित चिकित्सा सहायता देने को लेकर भी बैठक में अहम जानकारी साझा की गई। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) ने बताया कि सड़क हादसों में घायल व्यक्तियों के लिए पैनल अस्पतालों में ₹1.5 लाख तक की कैशलेस उपचार योजना लागू है। सांसद डॉ. महेश शर्मा ने निर्देश दिए कि इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आम जनता को इसकी जानकारी हो और दुर्घटना के समय पीड़ितों को तुरंत लाभ मिल सके।

बैठक में स्कूली वाहनों की सुरक्षा पर भी गंभीरता से चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि जिले में सभी स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस सिस्टम, प्रशिक्षित चालक और सहायक स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा चालकों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण को भी अनिवार्य किया जाएगा। नगर और ग्राम पंचायत स्तर पर यातायात पार्क और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने तथा आमजन को सड़क सुरक्षा अभियानों से जोड़ने की रणनीति पर भी विचार किया गया।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी, विधायक जेवर धीरेंद्र सिंह, सांसद प्रतिनिधि संजय बाली, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी नोएडा प्राधिकरण सतीश पाल, डीसीपी ट्रैफिक मनीषा सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन मंगलेश दुबे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने सड़क हादसों को कम करने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर सहमति जताई।

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