दिल्ली

Road Safety Conclave: आनंद विहार स्कूल में बच्चों के जरिए सड़क सुरक्षा का बड़ा संदेश

Road Safety Conclave: आनंद विहार स्कूल में बच्चों के जरिए सड़क सुरक्षा का बड़ा संदेश

रिपोर्ट: रवि डालमिया

पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार स्थित एक निजी स्कूल में रोड सेफ्टी कॉन्क्लेव का भव्य आयोजन किया गया, जिसकी शुरुआत बड़े उत्साह और जागरूकता के संदेश के साथ हुई। इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य स्कूल के बच्चों के माध्यम से समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना और बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को कम करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने लघु नाटक यानी नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए, जिनमें ट्रैफिक नियमों के पालन का महत्व प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया। इसके साथ ही ट्रैफिक नियमों पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिससे बच्चों को मनोरंजन के साथ-साथ सीखने का अवसर मिला। आयोजकों ने बताया कि इस पहल को आगे बढ़ाते हुए पूरे दिल्ली के स्कूलों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक बच्चों तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाया जा सके।

अपने संबोधन में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने सड़क सुरक्षा को एक गंभीर राष्ट्रीय मुद्दा बताते हुए कहा कि यह सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री द्वारा हाल ही में एक राहत योजना शुरू की गई है, जिसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को एक सप्ताह तक किसी भी अस्पताल में मुफ्त इलाज या अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।

उन्होंने आगे बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के विजन के तहत “राहवीर” योजना भी लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत किसी सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 25,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा और उसे किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से सुरक्षा प्रदान की जाएगी। यह योजना लोगों को मदद के लिए आगे आने के लिए प्रोत्साहित करती है।

मल्होत्रा ने चिंता जताते हुए कहा कि देश में हर साल करीब 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें लगभग 1.75 लाख लोगों की मौत हो जाती है। उन्होंने बताया कि सरकार ने देशभर में 16,000 से अधिक खतरनाक “डार्क स्पॉट्स” की पहचान की है, जिनमें से 14,000 को सुधारा जा चुका है और बाकी पर तेजी से काम चल रहा है।

डीसीपी ट्रैफिक ईस्ट रेंज के. रमेश ने कहा कि सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी बचपन से ही सिखाई जानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चे समाज में बदलाव लाने की ताकत रखते हैं और वे अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

इस कॉन्क्लेव में करीब 100 स्कूलों के छात्र, शिक्षक और अभिभावक शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर ट्रैफिक नियमों का पालन करने, हेलमेट पहनने और ओवरस्पीडिंग से बचने का संकल्प लिया। इस पहल को समाज में एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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