Protest: छह साल के अव्यान का शव कंधों पर लेकर लोगों ने किया प्रदर्शन, अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
Protest: छह साल के अव्यान का शव कंधों पर लेकर लोगों ने किया प्रदर्शन, अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
नोएडा। नॉलेज पार्क-2 स्थित कला धाम सोसाइटी में छह वर्षीय अव्यान यादव की मौत के बाद रविवार को लोगों का गुस्सा सामने आया। अंतिम संस्कार से पहले सफीपुर मोक्ष धाम के बाहर परिजनों और स्थानीय लोगों ने मासूम का शव कंधों पर उठाकर पुलिस और प्रशासन के सामने विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने घटना के लिए जिम्मेदार प्राधिकरण अधिकारियों, ठेकेदार और सुपरवाइजर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अव्यान की मौत किसी सामान्य हादसे का परिणाम नहीं बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही का नतीजा है। लोगों के मुताबिक शनिवार शाम अव्यान अपने घर से कुछ दूरी पर पार्क में एक दोस्त के साथ खेल रहा था। पार्क के पास प्राधिकरण की ओर से एक गहरा गड्ढा खोदा गया था। बारिश के कारण उसमें पानी भर गया था और वह दलदल में तब्दील हो चुका था।
आरोप है कि गड्ढे के आसपास सुरक्षा के लिए न तो बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार वहां किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं थी। खेलते समय अव्यान अचानक गड्ढे में गिर गया और दलदल में धंस गया। उसके साथ खेल रहे बच्चे ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। इसके बाद परिवार और आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गई।
घटना के बाद से कला धाम सोसाइटी में शोक के साथ लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गड्ढे के आसपास सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो मासूम की जान बचाई जा सकती थी। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन किया जाएगा।
जीरो प्वाइंट पर प्रदर्शन रोकने का आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि वे अव्यान का शव लेकर जीरो प्वाइंट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। लोगों का आरोप है कि पुलिस ने परिजनों को एंबुलेंस से उतारकर शव को सीधे सफीपुर मोक्ष धाम भेज दिया, जिससे वहां प्रदर्शन न हो सके।
इसके बाद बड़ी संख्या में लोग मोक्ष धाम पहुंच गए। वहां लोगों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मासूम की मौत के बाद जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगने के बजाय मामले की जिम्मेदारी दूसरों पर डालने की कोशिश की जा रही है।
पिता बोले- अधिकारियों पर भी हो कार्रवाई
अव्यान के पिता शिवान यादव ने कहा कि उनके बेटे की मौत केवल हादसा नहीं है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल ठेकेदार और सुपरवाइजर पर कार्रवाई करके मामले को खत्म करने की कोशिश की जा रही है, जबकि प्राधिकरण के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस गड्ढे में उनका बेटा गिरा, वह पूरी तरह दलदल बन चुका था। उनका कहना है कि अगर वहां समय रहते सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो उनका बेटा आज जिंदा होता। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को भी कार्रवाई के दायरे में लाने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सोसाइटी निवासी शैलेंद्र ने कहा कि यह महज हादसा नहीं बल्कि लापरवाही से हुई मौत है। उनका आरोप है कि प्राधिकरण के अधिकारी अपनी गलती छिपाने के लिए जिम्मेदारी दूसरों पर डालने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं आरडब्ल्यूए अध्यक्ष देवेंद्र शुक्ला ने कहा कि इतने गहरे गड्ढे के आसपास बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए थे। उन्होंने मामले की न्यायिक जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।