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Noida NCR News in Hindi

Oppo Mobile Theft: ग्रेटर नोएडा के वेयरहाउस से 41.25 लाख के 153 मोबाइल गायब

नोएडा। ग्रेटर नोएडा के साइट-4 स्थित एक्सप्रेसबीज लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के वेयरहाउस से करीब 41.25 लाख रुपये कीमत के 153 ओप्पो मोबाइल फोन गायब होने का मामला सामने आया है। कंपनी की आंतरिक जांच में सीसीटीवी सिस्टम से छेड़छाड़, ट्रक की संदिग्ध गतिविधियां और कुछ कर्मचारियों की भूमिका सामने आने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। कंपनी की शिकायत पर बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने ट्रक चालक समेत अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

एक्सप्रेसबीज लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस देशभर में ई-कॉमर्स कंपनियों के सामान के परिवहन और लॉजिस्टिक्स का काम करती है। कंपनी के अनुसार 14 जुलाई को उसके क्लाइंट ओप्पो मोबाइल के वेयरहाउस से 2,880 मोबाइल फोन 288 सीलबंद बॉक्स में पैक करके ग्रेटर नोएडा स्थित कंपनी के वेयरहाउस लाए गए थे। यहां से इन मोबाइल फोन को अलग-अलग शहरों में भेजने की तैयारी की गई थी।

17 जुलाई को कंपनी को पता चला कि भेजे गए माल में से 51 पैकेटों से कुल 153 मोबाइल फोन गायब हैं। जब पूरे स्टॉक का मिलान किया गया तो मोबाइल फोन की कमी सामने आई। गायब मोबाइल फोन की कुल कीमत करीब 41.25 लाख रुपये बताई गई है। इसके बाद कंपनी की ओर से मामले की आंतरिक जांच शुरू की गई और पूरे घटनाक्रम से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले गए।

जांच के दौरान वेयरहाउस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और नेटवर्क की स्थिति की जांच की गई। कंपनी के मुताबिक घटना वाले दिन सीसीटीवी नेटवर्क के साथ छेड़छाड़ कर उसे जानबूझकर निष्क्रिय किए जाने की बात सामने आई। इससे वेयरहाउस के अंदर और सामान की आवाजाही से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी प्रभावित हुई। जांच टीम ने इस बिंदु को भी महत्वपूर्ण माना है और इसके आधार पर संदिग्ध लोगों की भूमिका खंगाली जा रही है।

कंपनी ने माल को ले जाने वाले वाहन की गतिविधियों की भी जांच की। ट्रक की जीपीएस लोकेशन और निर्धारित रूट का मिलान करने पर चालक द्वारा रास्ते में कई स्थानों पर वाहन रोकने की जानकारी सामने आई। कंपनी का आरोप है कि इन स्थानों पर वाहन रोके जाने का कोई वैध कारण सामने नहीं आया। इसके बाद लोडिंग और अनलोडिंग की प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई।

कंपनी की ओर से आशंका जताई गई है कि मोबाइल फोन गायब करने की पूरी घटना पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा हो सकती है। इसमें ट्रक चालक और कंपनी के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका जताई गई है। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मोबाइल फोन किस स्तर पर और किसकी मिलीभगत से गायब किए गए।

चोरी हुए मोबाइल फोन की पहचान के लिए उनके आईएमईआई नंबर भी पुलिस को उपलब्ध कराए गए हैं। कंपनी ने बताया कि अधिकांश मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर पुलिस को सौंप दिए गए हैं, जबकि शेष नंबर क्लाइंट कंपनी से प्राप्त होने के बाद जांच टीम को उपलब्ध कराए जाएंगे। आईएमईआई नंबर के आधार पर पुलिस मोबाइल फोन की लोकेशन और उनकी बिक्री या इस्तेमाल से जुड़े संभावित सुराग तलाश सकती है।

कंपनी के सुरक्षा विभाग के मैनेजर संजय गुप्ता की शिकायत पर बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने ट्रक चालक केशव और अज्ञात कंपनी कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अब वेयरहाउस में सामान की एंट्री से लेकर उसकी लोडिंग और डिलीवरी तक की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है।

कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार के अनुसार पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। सीसीटीवी नेटवर्क, जीपीएस लोकेशन, मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर, वेयरहाउस रिकॉर्ड और कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गायब किए गए मोबाइल फोन कहां पहुंचाए गए और इस मामले में कितने लोग शामिल हैं।

मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि सीसीटीवी सिस्टम को किसने और किस तरीके से निष्क्रिय किया, ट्रक को रास्ते में किन स्थानों पर रोका गया और गायब मोबाइल फोन को वेयरहाउस से बाहर निकालने में किसकी भूमिका रही। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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