POCSO Case Noida नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दोषी को 10 वर्ष का कारावास

POCSO Case Noida नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दोषी को 10 वर्ष का कारावास
नोएडा। जिला न्यायालय ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर कुल 70 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जानकारी के अनुसार, बादलपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2018 में नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। पीड़िता की शिकायत पर प्रमोद उर्फ मलिंगा निवासी रसूलपुर, थाना अमनौर, जिला सारन, बिहार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में मजबूत साक्ष्य और गवाह पेश किए गए। प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी प्रमोद को दोषी करार दिया। जिला न्यायालय ने दुष्कर्म के मामले में दोषी को 10 वर्ष के कारावास की सजा के साथ 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। इस अर्थदंड को जमा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा अदालत ने आरोपी को अपहरण की धारा 366 के तहत भी दोषी पाया। इस मामले में उसे दो वर्ष के कारावास की सजा और 20 हजार रुपये का अतिरिक्त अर्थदंड लगाया गया है। इस राशि को जमा न करने पर आरोपी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
नोएडा कमिश्नरेट पुलिस ने बताया कि यह सजा उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत प्रभावी पैरवी का परिणाम है। इस अभियान के अंतर्गत बादलपुर पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन इकाई ने मिलकर मजबूत केस तैयार किया, जिससे आरोपी को सख्त सजा दिलाई जा सकी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले से नाबालिग पीड़िता और उसके परिजनों को न्याय मिला है। साथ ही यह फैसला समाज में ऐसे अपराधों के खिलाफ कड़ा संदेश देता है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।





