Thursday, 5 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Ayodhya : रामनगरी के दसवें दीपोत्सव में दिखेगा वैश्विक रामकथा का रंगAyodhya : दीपोत्सव में आकर्षण का केंद्र बना सरयू की रेत से तैयार दिव्य दरबारYamuna Mahasangam 2026: नोएडा में पहली बार होगा श्री यमुना सनातन ज्योति महासंगम, 21 हजार दीपों से जगमगाएगा यमुना तटHimachal Government Scheme: चुराह के देहग्रां पहुंचे मुख्यमंत्री सुक्खू, बैरागढ़ में CBSE स्कूल खोलने और 182 महिलाओं को 1500 रुपये देने की घोषणाHimachal CM Visit: मुख्यमंत्री ने देहग्रां में आम परिवार के साथ गुजारी रात, पहाड़ी व्यंजनों का लिया स्वादHapur News : हापुड़ में ड्रमों में भरा 12 क्विंटल बदबूदार पनीर जब्त, दिल्ली भेजने की थी तैयारीNew Delhi : अंबाला में 1857 के शहीद स्मारक का उद्घाटन, अमित शाह ने कहा यह युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्थल बनेगाChandigarh : सीनियर दलित कांग्रेस नेता पर हमले और अपमान को लेकर चंडीगढ़ में कांग्रेस भवन का किया घेराव

Pitch Black 2026: ऑस्ट्रेलिया में आज से शुरू होगा बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास, राफेल के साथ हिस्सा लेगी भारतीय वायुसेना

Pitch Black 2026: ऑस्ट्रेलिया में आज से शुरू होगा बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास, राफेल के साथ हिस्सा लेगी भारतीय वायुसेना

भारतीय वायुसेना एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर के सबसे प्रतिष्ठित सैन्य अभ्यासों में अपनी ताकत और पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन करने जा रही है। ऑस्ट्रेलिया के डार्विन स्थित रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (आरएएएफ) बेस पर 20 जुलाई से शुरू हो रहे बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास ‘एक्सरसाइज पिच ब्लैक 2026’ में भारतीय वायुसेना अपने अत्याधुनिक राफेल लड़ाकू विमानों के साथ भाग लेगी। यह सैन्य अभ्यास 20 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जाएगा और इसमें रिकॉर्ड संख्या में विभिन्न देशों की वायु सेनाएं हिस्सा लेंगी।

करीब 45 वर्षों के इतिहास वाला ‘पिच ब्लैक’ दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण द्विवार्षिक हवाई युद्धाभ्यासों में गिना जाता है। इस अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न देशों की वायु सेनाओं के बीच सामंजस्य बढ़ाना, संयुक्त हवाई अभियानों का प्रशिक्षण देना और आधुनिक युद्ध परिस्थितियों में परिचालन क्षमता को मजबूत बनाना है। इस बार बड़ी संख्या में मित्र देशों की भागीदारी इसे और अधिक महत्वपूर्ण बना रही है।

भारतीय वायुसेना का दल अनुभवी पायलटों, इंजीनियरों, तकनीशियनों, एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों और अन्य विशेषज्ञों से मिलकर बना है। अभ्यास के दौरान भारत अपनी अत्याधुनिक राफेल मल्टी-रोल लड़ाकू विमान, सी-17 ग्लोबमास्टर-III रणनीतिक परिवहन विमान और आईएल-78 एयर-टू-एयर रीफ्यूलिंग विमान का संचालन करेगा। इन विमानों के माध्यम से भारतीय वायुसेना विभिन्न जटिल हवाई अभियानों में अपनी परिचालन क्षमता का प्रदर्शन करेगी।

‘पिच ब्लैक’ नाम उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के विशाल निर्जन क्षेत्रों में होने वाली रात की उड़ानों (नाइट फ्लाइंग) से प्रेरित है। इन क्षेत्रों में रात के समय अत्यधिक अंधेरा होने के कारण इसे ‘पिच ब्लैक’ कहा जाता है। अभ्यास के दौरान दिन और रात दोनों समय विभिन्न प्रकार के हवाई मिशन संचालित किए जाते हैं, जिनमें लड़ाकू अभियान, हवाई ईंधन भरना, सामरिक परिवहन और बहुराष्ट्रीय समन्वय जैसे महत्वपूर्ण पहलू शामिल होते हैं।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस अभ्यास से भारतीय वायुसेना को लंबी दूरी तक सैन्य अभियान संचालित करने की क्षमता को और बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही अन्य देशों की वायु सेनाओं के साथ संयुक्त अभियान चलाने, आधुनिक परिचालन तकनीकों को समझने और सर्वोत्तम सैन्य प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करने का भी लाभ मिलेगा।

भारतीय वायुसेना इससे पहले वर्ष 2018, 2022 और 2024 में भी ‘पिच ब्लैक’ अभ्यास में सफलतापूर्वक भाग ले चुकी है। हर बार भारत की भागीदारी ने उसकी पेशेवर क्षमता और आधुनिक सैन्य तैयारियों को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया है। इस बार भी भारतीय दल से उत्कृष्ट प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते रणनीतिक और सुरक्षा परिदृश्य के बीच इस तरह के बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यासों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे अभ्यास न केवल विभिन्न देशों की सेनाओं के बीच आपसी विश्वास और समन्वय को मजबूत करते हैं, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में संयुक्त अभियान चलाने की क्षमता को भी बेहतर बनाते हैं।

भारत के लिए यह भागीदारी रक्षा सहयोग को मजबूत करने, मित्र देशों के साथ सैन्य संबंधों को और गहरा करने तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है। रक्षा मंत्रालय का मानना है कि इस अभ्यास से भारतीय वायुसेना को आधुनिक युद्धक रणनीतियों और अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहयोग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त होगा।

 

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें