Cervical Cancer: ताइवान में गूंजेगा भारत का सर्वाइकल कैंसर रोकथाम मॉडल, एशिया-प्रशांत सम्मेलन में एम्स विशेषज्ञ करेंगे प्रतिनिधित्व

Cervical Cancer: ताइवान में गूंजेगा भारत का सर्वाइकल कैंसर रोकथाम मॉडल, एशिया-प्रशांत सम्मेलन में एम्स विशेषज्ञ करेंगे प्रतिनिधित्व

सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम और समय पर पहचान के क्षेत्र में भारत के प्रयासों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल रही है। इसी क्रम में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अभिषेक शंकर 20 और 21 जुलाई को ताइवान की राजधानी ताइपे में आयोजित एशिया-प्रशांत मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस सम्मेलन में वे भारत के सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन मॉडल, राष्ट्रीय रणनीति और महिलाओं तक प्रभावी स्क्रीनिंग एवं उपचार पहुंचाने के प्रयासों को दुनिया के सामने प्रस्तुत करेंगे।

यह सम्मेलन एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं, कैंसर रोकथाम और महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े अनुभव साझा करने का एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। इसमें विभिन्न देशों के स्वास्थ्य मंत्री, नीति-निर्माता, चिकित्सा विशेषज्ञ और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। भारत की ओर से डॉ. अभिषेक शंकर देश की उपलब्धियों और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से अपना पक्ष रखेंगे।

डॉ. अभिषेक शंकर सम्मेलन में ‘सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन की दिशा में भारत का राष्ट्रीय रोडमैप’ विषय पर व्याख्यान देंगे। अपने संबोधन में वे बताएंगे कि भारत किस प्रकार शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अधिक से अधिक महिलाओं को समय पर स्क्रीनिंग (जांच) से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। साथ ही, जिन महिलाओं में बीमारी के शुरुआती संकेत मिलते हैं, उन्हें शीघ्र जांच, उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं से जोड़ने की रणनीति भी प्रस्तुत करेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि सर्वाइकल कैंसर उन चुनिंदा कैंसरों में शामिल है, जिनकी समय पर जांच और शुरुआती इलाज के माध्यम से बड़ी संख्या में मौतों को रोका जा सकता है। यदि महिलाओं की नियमित स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए और शुरुआती चरण में बीमारी की पहचान हो जाए, तो उपचार की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।

डॉ. अभिषेक शंकर का कहना है कि भारत ने मिशन मोड में स्क्रीनिंग, जागरूकता, नीति निर्माण और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया है। देश में महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए बहुस्तरीय रणनीति अपनाई जा रही है, जिससे भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के मामलों और इससे होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सके।

यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ताइवान के स्वास्थ्य एवं कल्याण मंत्रालय द्वारा वीमेन इकोनॉमिक फोरम, विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन का उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना और कैंसर नियंत्रण से जुड़े सफल मॉडलों का आदान-प्रदान करना है।

डॉ. अभिषेक शंकर ने कहा कि इस मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत के अनुभव और यहां विकसित किए गए मॉडल से अन्य देशों को भी महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान से इस बीमारी के खिलाफ वैश्विक स्तर पर लड़ाई को और मजबूती मिलेगी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, नियमित स्क्रीनिंग को प्रोत्साहित करने और समय पर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यदि इन पहलों को व्यापक स्तर पर लागू किया जाता है, तो आने वाले वर्षों में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है और हजारों महिलाओं की जान बचाई जा सकती है।

भारत का यह मॉडल अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत होने जा रहा है, जिससे देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली, कैंसर रोकथाम की रणनीति और महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद है।

 

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