Viksit Bharat 2047: विकसित भारत की मजबूत नींव बनेंगे युवा, राष्ट्र निर्माण में भागीदारी बढ़ाने पर जोर

Viksit Bharat 2047: विकसित भारत की मजबूत नींव बनेंगे युवा, राष्ट्र निर्माण में भागीदारी बढ़ाने पर जोर
‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी को सबसे महत्वपूर्ण आधार मानते हुए युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के युवा कार्य विभाग का चौथा और अंतिम क्षेत्रीय चिंतन शिविर लखनऊ में संपन्न हुआ। इस दौरान केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने अधिकारियों से आह्वान किया कि युवाओं को केवल रोजगार पाने वाला वर्ग न समझा जाए, बल्कि उन्हें राष्ट्र निर्माण का उत्प्रेरक बनाकर देश के विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा खडसे ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब देश का युवा अपनी पूरी क्षमता के साथ विकास प्रक्रिया में भागीदारी निभाएगा। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले अधिकारी स्थानीय समस्याओं और युवाओं की जरूरतों को सबसे बेहतर तरीके से समझते हैं। इसलिए उनकी भूमिका केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि वे युवाओं को समाज और राष्ट्र के विकास से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में युवाओं को नेतृत्व, नवाचार, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करें। उनका कहना था कि स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले समाधान ही विकसित भारत की मजबूत नींव रखेंगे और भविष्य के भारत को नई दिशा देंगे।
चिंतन शिविर के दौरान युवाओं से जुड़ी कई प्रमुख सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा की गई। इनमें एमवाई भारत (MY Bharat), प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना, फिट इंडिया अभियान, नशा मुक्त भारत अभियान, युवा नेतृत्व विकास, स्वयंसेवा और जेंडर संवेदनशीलता जैसे विषय प्रमुख रहे। इन सभी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न राज्यों से प्राप्त सुझावों और अनुभवों को साझा किया गया।
मंत्रालय के अनुसार, शिविर के दौरान तैयार की गई कार्ययोजना भविष्य में युवाओं से संबंधित नीतियों और कार्यक्रमों के संचालन का आधार बनेगी। इसमें इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि युवाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए तकनीक, कौशल विकास, स्वयंसेवा और सामुदायिक नेतृत्व को प्राथमिकता दी जाए।
समापन समारोह में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को भी सम्मानित किया गया। उत्तर प्रदेश को एमवाई भारत पोर्टल पर सर्वाधिक पंजीकरण कराने के लिए सम्मान दिया गया। वहीं, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव को उनकी युवा आबादी के अनुपात में सबसे अधिक पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए पुरस्कार प्रदान किया गया।
मंत्रालय का मानना है कि इस प्रकार के चिंतन शिविर केवल योजनाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये जमीनी स्तर पर काम कर रहे अधिकारियों के अनुभवों को राष्ट्रीय नीति का हिस्सा बनाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इससे विभिन्न राज्यों में सफल मॉडलों को दूसरे क्षेत्रों में भी लागू करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान यह भी दोहराया गया कि विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ जोड़ना आवश्यक है। सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां युवा केवल नौकरी तलाशने वाले न रहें, बल्कि नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक परिवर्तन के माध्यम से देश के विकास में प्रत्यक्ष योगदान दें।
मंत्रालय ने विश्वास जताया कि क्षेत्रीय चिंतन शिविरों से प्राप्त सुझावों के आधार पर तैयार की जाने वाली नई रणनीतियां युवाओं की भागीदारी को और मजबूत करेंगी तथा “विकसित युवा, विकसित भारत” के संकल्प को नई गति मिलेगी।





