फेस-2 मास्टर प्लान को यूपी सरकार से मिली मंजूरी, जल्द बसेगा नया शहर

अमर सैनी

नोएडा। ग्रेटर नोएडा में फेस-2 के मास्टर प्लान को उत्तर प्रदेश सरकार के चीफ टाउन एंड कंट्री प्लानर ने मंजूरी दे दी है। इस मास्टर प्लान के तहत 55,970 हेक्टेयर भूमि पर ग्रेटर नोएडा फेस-2 विकसित किया जाएगा। इस भूमि का विस्तार गौतमबुद्ध नगर से लेकर गुलावठी (बुलंदशहर) तक किया जाएगा। मास्टर प्लान में गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, हापुड़ और धौलाना क्षेत्रों के 144 गांवों को शामिल किया गया है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने यह भी घोषणा की है कि परी चौक से लेकर हापुड़ तक 105 मीटर चौड़ा एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा और इसे सबसे पहले जीटी रोड से जोड़ा जाएगा। किसानों से भूमि खरीदने की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। निर्माण कार्य के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है, जिसका नेतृत्व प्राधिकरण के मैनेजर सुरेंद्र कुमार कर रहे हैं। इसके अलावा, बोडाकी के पास दिल्ली-हावड़ा रेलवे लाइन पर एक रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण भी तेज़ी से चल रहा है, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी में सुधार होगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी ने बताया कि मास्टर प्लान को पहले ग्राम बोर्ड की बैठक में पास किया गया था और अब यूपी के चीफ टाउन प्लानर की मंजूरी मिल चुकी है। अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए उत्तर प्रदेश कैबिनेट और दिल्ली-एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के पास भेजा जाएगा। मास्टर प्लान को मंजूरी मिलने के बाद ग्रेटर नोएडा फेस-2 में औद्योगिक और अन्य विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी। जिससे क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।

ग्रेटर नोएडा फेस-2 की खासियत

ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण को काम करते करीब तीन दशक होने वाले हैं। अब तक विकास योजनाएं दादरी रेलवे लाइन को पार नहीं कर पाईं। दादरी और साठा-चौरासी की ग्रेटर नोएडा से दिल्ली-हावड़ा रेल लाइन के कारण खराब कनेक्टिविटी रही। अब यह समस्या खत्म हो चुकी है। लिहाजा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अब फेस-2 को विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। ग्रेटर नोएडा का फेस-2 एक मुक्कमल शहर होगा। यह 35 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकसित किया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञ कंपनी ग्रेटर नोएडा का मास्टर प्लान-2041 बना रही है।

8 हिस्सों में शहर बसाने में 20 वर्षों का समय लगेगा

ग्रेटर नोएडा फेज दो 8 हिस्सों में बांटकर बसाया जाएगा। इस शहर को पूरी तरह बसाने में करीब 20 वर्षों का समय लगेगा। खास बात यह होगी कि ग्रेटर नोएडा और फेज दो एक-दूसरे से जुड़े तो होंगे लेकिन स्वतंत्र होंगे। एक-दूसरे पर निर्भर नहीं करेंगे। मसलन, ड्रेनेज सिस्टम, वाटर सप्लाई, पावर सप्लाई और बाकी इंटरनल इंफ्रास्ट्रक्चर अलग-अलग होगा। फेज दो के पास कई संसाधन ग्रेटर नोएडा के मुकाबले बेहतर होंगे। इसे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे से बड़ा फायदा होगा।

फेस-2 के दायरे में आएंगे दादरी तहसील के यह गांव

ग्रेटर नोएडा फेस-2 का इलाका दिल्ली-हावड़ा ट्रैक के उस पार हापुड़ बॉर्डर तक और दूसरी ओर ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे तक है। फेस-2 में करीब 40 गांवों की जमीन आएगी। इसमें दादरी तहसील के गांव नई बस्ती, फूलपुर, आनंदपुर, खंदेड़ा, मिलक खंदेड़ा, जारचा, रानौली, खटाना, शाहपुर, छौलस, गेसूपुर, भराना, जारचा, बादलपुर, सदोपुर, अच्छेजा, बिसाहड़ा, प्यावली, ऊंचा अमीपुर आदि गांव शामिल हैं। इसके अलावा पिलखुवा और गुलावठी के नजदीक के गांव भी आएंगे।

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