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Indian Navy Lokayan 26 Mission: आईएनएस सुदर्शिनी कासाब्लांका पहुंचा, समुद्री सहयोग को मिलेगा नया आयाम

Indian Navy Lokayan 26 Mission: आईएनएस सुदर्शिनी कासाब्लांका पहुंचा, समुद्री सहयोग को मिलेगा नया आयाम

भारतीय नौसेना का सेल ट्रेनिंग शिप आईएनएस सुदर्शिनी ‘लोकायन-26’ अभियान के तहत मोरक्को के कासाब्लांका बंदरगाह पर पहुंच गया है। यह दौरा भारत की ‘महासागर’ (क्षेत्र में सुरक्षा और विकास हेतु पारस्परिक एवं समग्र प्रगति) नीति के तहत समुद्री सहयोग और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कासाब्लांका पहुंचने के बाद जहाज के कमांडिंग ऑफिसर ने मोरक्को नौसेना के सेंट्रल मैरीटाइम सेक्टर के कमांडर कमोडोर हसन अकौली और रॉयल नेवल स्कूल के निदेशक कमोडोर ओमर नसरी से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग, प्रशिक्षण आदान-प्रदान और पेशेवर सहभागिता को बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई।

तीन दिवसीय प्रवास के दौरान आईएनएस सुदर्शिनी का दल रॉयल मोरक्कन नेवी के अधिकारियों और कर्मियों के साथ विभिन्न पेशेवर और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेगा। इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारियों की मेजबानी और आपसी संवाद के माध्यम से दोनों देशों के बीच नौसैनिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।

भारतीय नौसेना का यह अभियान केवल सैन्य सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य मित्र देशों के साथ विश्वास, सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों को भी सुदृढ़ करना है। इस प्रकार के पोर्ट कॉल्स से वैश्विक स्तर पर भारत की समुद्री उपस्थिति और रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती मिलती है।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी भारतीय नौसेना के कई युद्धपोत जैसे आईएनएस टाबर, आईएनएस तरकश, आईएनएस सुमेधा और आईएनएस तुशील कासाब्लांका का दौरा कर चुके हैं, जिससे भारत और मोरक्को के बीच बढ़ते नौसैनिक सहयोग का संकेत मिलता है।

‘लोकायन-26’ एक दस महीने लंबा ट्रांसओशनिक प्रशिक्षण अभियान है, जिसके तहत आईएनएस सुदर्शिनी 22,000 समुद्री मील से अधिक की यात्रा कर 13 देशों के 18 बंदरगाहों का दौरा करेगा। इस अभियान का उद्देश्य नौसैनिक प्रशिक्षण के साथ-साथ वैश्विक समुद्री सहयोग को बढ़ावा देना है।

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