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AIIMS Delhi: एम्स दिल्ली के डॉ. शैलेश गायकवाड़ को मिला राष्ट्रीय सम्मान, स्ट्रोक रिसर्च में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला बड़ा अवॉर्ड

AIIMS Delhi: एम्स दिल्ली के डॉ. शैलेश गायकवाड़ को मिला राष्ट्रीय सम्मान, स्ट्रोक रिसर्च में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला बड़ा अवॉर्ड

नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्ट्रोक कॉन्क्लेव 2026 के दौरान देश के प्रमुख मेडिकल विशेषज्ञों को स्ट्रोक केयर और रिसर्च के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। इस मौके पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. शैलेश बी गायकवाड़ को ‘स्ट्रोक रिसर्च इनोवेटर ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके योगदान को देशभर में सराहा जा रहा है।

डॉ. शैलेश गायकवाड़ एम्स दिल्ली के न्यूरोइमेजिंग एवं इंटरवेंशनल न्यूरो रेडियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और प्रमुख हैं। इसके साथ ही वह न्यूरोसाइंसेज सेंटर के चीफ के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्हें भारत में स्ट्रोक रिसर्च और आधुनिक उपचार तकनीकों को नई दिशा देने के लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।

विशेषज्ञों के अनुसार डॉ. गायकवाड़ की रिसर्च और न्यूरो इंटरवेंशनल प्रैक्टिस ने देश में स्ट्रोक मरीजों के इलाज को काफी बेहतर बनाया है। उनकी अगुवाई में विकसित आधुनिक स्ट्रोक केयर सिस्टम भविष्य में लाखों मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकते हैं। मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर इलाज और नई तकनीकों के इस्तेमाल से स्ट्रोक के कारण होने वाली मौतों और गंभीर बीमारियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

नेशनल स्ट्रोक कॉन्क्लेव 2026 में देशभर से आए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्ट्रोक के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने, समय पर उपचार और मेडिकल इनोवेशन को स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी जरूरत बताया। कार्यक्रम में स्ट्रोक के बढ़ते मामलों और आधुनिक तकनीकों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

डॉक्टरों ने कहा कि स्ट्रोक एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है और सही समय पर इलाज मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। ऐसे में रिसर्च और नई तकनीकों का विकास बेहद जरूरी है। इसी दिशा में डॉ. शैलेश गायकवाड़ का योगदान स्वास्थ्य जगत के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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